गोरखपुर। सड़क हादसे में पीएसी जवान की मौत हो गई। बृहस्पतिवार की रात करीब दो बजे गोरखनाथ मंदिर से ड्यूटी से लौटते समय उनकी बाइक तरंग क्रासिंग के पास वाहन की चपेट में आ गई। मेडिकल कॉलेज में उनकी मौत हो गई। उसके बाद बटालियन में शोक और उनके घर पर मातम छा गया। शुक्रवार की सुबह से शुरू होने वाले तीन दिवसीय मलखंब प्रतियोगिता को सेनानायक शलभ माथुर ने स्थगित कर दिया। प्रतियोगिता अब शनिवार से शुरू होगी।
मूल रूप से देवरिया के पथरदेवा निवासी पंकज वर्मा बिछिया स्थित 26वीं वाहिनी पीएसी बटालियन के बी कंपनी में तैनात थे। वह पत्नी दीपा, इकलौते बेटे तरुण (9) के साथ वर्ष 2006 से ही बटालियन के आवास में रहते थे। उनकी कंपनी का कैंप गोरखपुर विश्वविद्यालय में चल रहा है। बृहस्पतिवार को उनकी ड्यूटी गोरखनाथ मंदिर सुरक्षा में लगा दी गई। विश्वविद्यालय कैंप से ही शाम छह बजे वह मंदिर ड्यूटी में चले गए। रात दो बजे ड्यूटी समाप्त होने के बाद वह बाइक से कैंप वापस आ रहे थे। मंदिर में छूटे मोबाइल फोन को लेने के लिए वह गाड़ी मोड़कर वापस जाने लगे। तभी पीछे से आ रहे एक अज्ञात वाहन की चपेट में आ गए।
पिता की पहले ही हो चुकी है मौत
पंकज के पिता अशोक कुमार वर्मा की चार वर्ष पहले ही मौत हो चुकी है। वह एफसीआई में काम करते थे। छोटा भाई नीरज स्नातक की पढ़ाई कर रहा है और गांव में ही मां के साथ रहता है। मौत की खबर सुनकर पत्नी दीपा दहाड़े मार कर रोने लगीं। बेटा तरूण बार-बार पिता के बारे में पूछ रहा था।
पत्नी से बात करना चाहते थे पंकज
साथी जवानों ने बताया कि पंकज रात में ही पत्नी से बात करना चाहते थे। उनका मोबाइल फोन मंदिर में ही छूट गया था। साथी जवान सुबह फोन लेकर आने के लिए कह रहा था। पंकज उसी दौरान मोबाइल फोन लेने मंदिर चल दिए। हादसे की सूचना पर साथी गामा प्रसाद, गूड्डू प्रभाकर और नौसाद ने पंकज को भर्ती कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव को देर शाम बटालियन लाया गया। वहां गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उसके बाद घरवाले शव लेकर पैतृक गांव चले गए।