गोरखपुर। पत्नी की राह देखते-देखते सहजनवां के नगवां गांव निवासी सीताराम की आंखें पथरा चुकी हैं। वह लापता पत्नी का पता लगाने के लिए चार साल से थाने के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन आश्वासन के सिवा उन्हें आज तक कुछ नहीं मिला। शायद ही कोई अफसर बचा हो, जिसके यहां जाकर उन्होंने गुहार न लगाई हो पर पुलिस अपहरण का केस दर्ज कर भूल गई। इसके बावजूद उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी है। उन्हें लगता है कि एक न एक दिन कोई पुलिस अफसर उनकी पत्नी की खोज निकालेगा या यही पता चल जाएगा कि वह कहां और किस हाल में है।
नगवां गांव के सीताराम सिंह का गांव में ही कुछ लोगों से 24 मई 2014 को विवाद हो गया था। इस दौरान हुई मारपीट में वह घायल हो गए। पुलिस ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। केस दर्ज कर पुलिस ने दस जून को चार्जशीट भी दाखिल कर दी। इसके बाद पत्नी सीमा देवी रोजाना पति के लिए खाना वगैरह लेकर अस्पताल जाती थीं। इसी बीच 26 मई 2014 को अस्पताल जाते समय उनका अपहरण हो गया। पुलिस ने केस तो दर्ज कर लिया लेकिन आज तक सीमा देवी का कुछ पता नहीं चल सका। बकौल सीताराम, थाने पर जाने पर अब उन्हें कोई जवाब ही नहीं दिया जाता। चार साल से पत्नी लापता है। वह कहां है और किस हाल में, पुलिस इसका पता नहीं लगा सकी। यह हाल तब है जब पुलिस को उसी समय ऑटो चालक का नाम-पता भी उपलब्ध करा दिया गया था।