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एटीएम कार्ड का क्लोन बनाकर रकम निकालने में पकड़ा गया

Sun, 07 Oct 2018 09:48 PM IST
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
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गोरखपुर। शाहपुर पुलिस और स्वॉट टीम ने रविवार को पादरी बाजार में एसबीआई के एटीएम के पास से जालसाज को गिरफ्तार किया। पकड़ा गया युवक एटीएम कार्ड का क्लोन (हूबहू वैसा ही) तैयार कर दूसरे लोगों के खातों से रकम निकालने वाले गिरोह का सदस्य है। पुलिस ने उसके पास से कार, एटीएम कार्ड स्कैनर, सात एटीएम कार्ड के क्लोन, सोने की चेन और 3750 रुपये बरामद किए हैं। गिरोह के दो सदस्य मौके से फरार हो गए।
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पुलिस लाइंस में रविवार शाम को एसपी क्राइम अशोक कु मार वर्मा ने बताया कि पकड़े गए युवक की पहचान बिहार के नवादा जिले के हिसुआ थाने के एकनार धनुआ निवासी निकेश कुमार सिंह उर्फ मनीष के रूप में हुई है। फरार होने वालों में बिहार के पटना के फत़ुआ निवासी विमलेश कुमार और भूषण कुमार उर्फ शंभू शामिल हैं। पुलिस ने उन्हें तलाश रही है। एसपी क्राइम ने बताया कि पकड़े गए युवक की जीवन शैली हाई प्रोफाइल है। इस गिरोह के सदस्यों ने ऐसे जुर्म करके काफी रकम जुटाई है।

गिरोह के सदस्य महंगे होटल में रहते थे और महंगी गाड़ियों का इस्तेमाल करते थे। बड़े शहरों के लिए ज्यादातर हवाई यात्रा करते थे। एसपी क्राइम ने बताया कि गोरखपुर में यह गिरोह चार-पांच लोगों को अपना शिकार बना चुका है। अब तक की जांच में गोरखनाथ और शाहपुर के पादरी बाजार में हुई जालसाजी का पर्दाफाश हुआ है। एसपी क्राइम के अनुसार यह गिरोह बनारस से जुलाई, सितंबर और अक्तूबर में आकर कोतवाली क्षेत्र के होटल में रुका था। पकड़े गए आरोपी के खाते में वर्तमान में तीन से चार लाख रुपये हैं, जिसे बैंक से संपर्क कर फ्रीज कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि पकड़ी गई कार जालसाजी की रकम से बनारस से खरीदी गई है। कार निकेश के नाम से है।

ऐसे करते थे वारदात

एसपी क्राइम ने बताया कि इस गिरोह के लोग किसी एटीएम पर जाकर रकम निकाल रहे व्यक्ति की मदद करने के बहाने उसका कार्ड ले लेते थे। उसके बाद एक छोटे से कार्ड स्कैनर के सहारे चंद मिनटों में डाटा कॉपी कर लेते थे और उस व्यक्ति को कार्ड वापस दे देते थे। फिर ब्लूटूथ के माध्यम से कनेक्ट कर चोरी किए गए डाटा को मोबाइल में लेकर साफ्टवेयर के जरिए पास मौजूद खराब एटीएम कार्ड में क्लोन तैयार कर लेते थे। तब क्लोन कार्ड से खाते से रकम निकाल लेते थे। एसपी क्राइम ने बताया कि बरामद क्लोन कार्ड को जांच के लिए भेजा जाएगा। साथ ही स्कैनर मशीन की भी जांच कराकर पता लगाया जाएगा कि अब तक इस गिरोह ने कितना डाटा चोरी किया है। पकड़ा गया आरोपी इंटर तक पढ़ा है।
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