औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था।
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नवागत एसएसपी शलभ माथुर ने जिले की क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) को भंग कर दिया। अब नए सिरे से इसका गठन होगा। इसके लिए सभी थानों से तेज-तर्रार पुलिसकर्मियों के नाम मांगे हैं। उन्हें शामिल कर नई टीम का गठन होगा। क्यूआरटी अब सीधे कंट्रोल रूम के अधीन होगी। बड़ी घटनाओं की सूचना आने पर यह तत्काल मौके पर जाकर मोर्चाबंदी करेगी।
घटना के बाद माहौल बिगड़ने को संभालने के लिए थाने की पुलिस के साथ ही क्यूआरटी भी जाती है। अब तक यह जिले पर पुलिस लाइंस में ही थी और अफसरों के आदेश पर ही मौके पर जाती थी। एसएसपी शलभ माथुर ने इसकी निष्क्रियता को देखते हुए टीम को भंग कर दिया है। टीम में अब तेज-तर्रार पुलिसकर्मी शामिल किए जाएंगे। ताकि वारदात होने की दशा में मौके पर माहौल को बिगड़ने से संभाला जा सके।
एसएसपी ने सभी थानों को आदेश देकर तेज-तर्रार पुलिसकर्मियों की सूची भी मांग ली है। एसएसपी का मानना है कि यदि यह टीम ठीक से काम करे तो कहीं भी माहौल नहीं बिगड़ पाएगा। यही वजह है कि इसे कंट्रोल रूम के अधीन करने का फैसला किया गया है। चूंकि कोई भी बड़ी घटना हो, इसकी सूचना पहले कंट्रोल रूम को ही आती है।
थानेदार के जीप होंगे दंगा नियंत्रण यंत्र
एसएसपी ने सभी थानेदार को अपनी जीप में हेलमेट, आंसू गैस, रबर बुलेट, डंडे आदि हर समय रखने का आदेश दिया है। ताकि कहीं पर कोई घटना होने पर पुलिस इंतजार न करें, बल्कि तत्काल एक्शन में नजर आए। पहले पुलिसकर्मी घटना होने के बाद ऐसे सामान को एकत्र करने में समय व्यतीत कर देते थे, तब हालात बेकाबू हो जाते थे।
क्विक रिस्पांस टीम को भंग कर दिया गया है। नए सिरे से गठन के लिए तेज-तर्रार पुलिसकर्मियों की सूची तैयार की जा रही है। सभी थानेदारों को जीप में हेलमेट, आंसू गैस, रबर बुलेट आदि रखने का आदेश दिया गया है। ताकि किसी भी अप्रिय घटना पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
- शलभ माथुर, एसएसपी