गोरखपुर।
ट्रेनों में लूट, जहरखुरानी और चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे पुलिस ने नई पहल की है। इसमें दस जोड़ी ट्रेनों में अस्थाई पुलिस चौकी स्थापित की गई है। एक दरोगा के साथ ही महिला और पुरुष कांस्टेबल तैनात किए गए हैं। घटना रोकने के साथ ही एफआईआर भी दर्ज की जा सकेगी। पहले चरण में दस ट्रेनों में इसकी शुरुआत की गई है। आरपीएफ इंस्पेक्टर का कहना है कि जल्द ही और ट्रेनों में भी इसकी शुुरुआत की जाएगी।
चलती ट्रेनों में घटनाओं के तेजी से इजाफा होने और उस पर अंकुश न लग पाने के कारण ट्रेन में ही पुलिस चौकी खोलने का फैसला लिया गया है। चौकी का नाम ‘चलित रेलवे सुरक्षा बल मित्र’ रखा गया है। मौजूद पुलिस वालों के पास एफआईआर फॉर्म, फिट बैग फॉर्म, रास्तों में पड़ने वाले आरपीएफ और जीआरपी थानों का नंबर, ट्रेनों में अपराध करने वालों की फोटो, अस्पतालों का नंबर भी होगा। आरपीएफ इंस्पेक्टर केएन तिवारी ने बताया कि ट्रेनों में अपराध रोकने के लिए नई पहल की गई है।
प्राथमिक उपचार की सुविधा भी मिलेगी
अस्थाई पुलिस चौकी पर सुरक्षा के साथ ही प्राथमिक उपचार की भी व्यवस्था की गई है। यहां पर दवाएं और मरहम पट्टी उपलब्ध रहेगी। ताकि किसी की अचानक तबीयत खराब होने पर परेशान न होना पड़े।
इन ट्रेनों में सुविधा
इंटरसिटी एक्सप्रेस (गोरखपुर से लखनऊ और लखनऊ से गोरखपुर)
आम्रपाली एक्सप्रेस (कटिहार-अमृतसर)
अवध एक्सप्रेस (गोरखपुर-बांद्रा)
कुशीनगर एक्सप्रेस (गोरखपुर-लोकमान्य)
राप्तीनगर सुपरफास्ट (गोरखपुर-कोचीन)
बाघा एक्सप्रेस (काठगोदाम-हावड़ा)
गोरखधाम सुपरफास्ट (गोरखपुर-हिसार)
जनसेवा और जननायक एक्सप्रेस