उत्तर प्रदेश में फिर पांव जमाने की कोशिश कर रही कांग्रेस की मुश्किलें उसके ही कार्यकर्ता बढ़ाते दिख रहे हैं। कार्यकर्ताओं को चुनाव के लिए उत्साहित करने आए पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सचिन नायक को रविवार शाम विरोध का सामना करना पड़ा। कांग्रेसी अपने निष्ठावान कार्यकर्ता को ही प्रत्याशी बनाने की मांग कर रहे हैं।
पूर्वी उप्र. की प्रभारी प्रियंका गांधी भी पूर्वांचल में कांग्रेस की जड़ें मजबूत करने में वोट यात्रा से लेकर रोड शो तक कर रही हैं लेकिन बस्ती में प्रत्याशी को लेकर हंगामा मचा है। गठबंधन के समझौते के तहत बस्ती लोकसभा क्षेत्र जन अधिकार पार्टी के हिस्से में आई है। यहां से जनाधिकार पार्टी अपना प्रचार भी शुरू कर दी है। कार्यकर्ताओं में जोश भरने रविवार शाम पार्टी कार्यालय पर बैठक शुरू हुई। तो पार्टी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस प्रत्याशी लाने की मांग उठा दी।
राष्ट्रीय सचिव सचिन नायक गठबंधन धर्म का हवाला देकर जन अधिकार पार्टी के प्रत्याशी को जिताने की जैसे ही अपील पर कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया जिसके कारण काफी देकर तक स्थित तनाव पूर्ण रही। कार्यकर्ता बाहर निकल आए जबकि राष्ट्रीय सचिव कमरे के अंदर कर दिए गए। शांत होने पर उल्टे पांव वापस लौट गए। राष्ट्रीय सचिव पत्रकारों से वार्ता करने से बचते रहे।
कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष प्रेमशंकर द्विवेदी ने कहा कि कार्यकर्ताओं के साथ बैठक थी। उनकी बात सुनने राष्ट्रीय सचिव आए थे। कार्यकर्ता कांग्रेस के निष्ठावान कार्यकर्ता को प्रत्याशी बनाए जाने की मांग करते रहे। कांग्रेस में लोकतंत्र है सभी को अपनी बात कहने का अधिकार है। किसी प्रकार की विरोध में नारेबाजी नहीं हुई है। यह सच के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में पार्टी का प्रत्याशी नहीं होने पर नाराजगी है जिसके विरोध में पहले भी धरना प्रदर्शन कर चुके हैं।