पुलिस ने मृतक सचिन के भाई अमित की तहरीर पर नर्सिंग होम मालिक डॉ. अजय सिंह, अंशुमान सिंह और अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया है। झंगहा के मीठा बेल गांव निवासी हनुमान दूबे के छोटे पुत्र सचिन (30) शहर के एक प्राइवेट कंपनी में काम करते थे।
14 अप्रैल को सचिन बाइक से इंजीनियरिंग कॉलेज की ओर जा रहे थे और सांड आने की वजह से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बड़े भाई अमित के मुताबिक सरकारी अस्पताल में प्राथमिकी इलाज के बाद बेहतर इलाज के लिए राजंवीश नर्सिंग होम में ले आए।
शुक्रवार को आईसीयू में ही मरीज ने जूस पिया और उसकी सेहत में सुधार भी था। जिसके बाद डॉक्टर ने शनिवार को वार्ड में शिफ्ट करने को कहा था। शनिवार की सुबह 7:30 बजे सचिन की तबीयत अचानक खराब हो गई।
बुलाने पर भी सीनियर डॉक्टर नहीं आए और फिर सचिन की मौत हो गई। इस पर सिर्फ डॉक्टर से ना आने की वजह पूछी गई तो वह गुस्से में आ गए। थोड़ी देर बाद ही अंशुमान सिंह और उनके साथी आए और अस्पताल से बाहर जाने को बोला।
डॉक्टर से बात होने की बात पर वह बोले की कैमरा बंद करा दो। फिर चाची कुसुम दूबे, संध्या पांडेय, चंदन तिवारी, संजय तिवारी को दौड़ाकर मारने लगे। मारपीट से अस्पताल में अफरा-तफरी फैल गई।
डॉक्टर समेत दो पर नामजद और अज्ञात के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, मारपीट, धमकी, छेड़खानी और डकैती की धाराओं में केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। सीसी टीवी कैमरे की भी जांच की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत की वजह स्पष्ट होगी। -रवि राय, इंस्पेक्टर, कैंट
मरीज के सिर में गंभीर चोट थी। इलाज में लापरवाही नहीं हुई है। मरीज के मौत पर परिजनों ने स्टाफ से गाली गलौच किया जिस पर स्टाफ ने भी कुछ बोल दिया होगा। मारपीट जैसी कोई घटना नहीं हुई है। अस्पताल में सीसी टीवी कैमरा लगा है।- डॉ. अजय कुमार सिंह, संचालक, राजवंशी नर्सिंग होम