दूषण की शिकायत पर कमिश्नर पी. गुरुप्रसाद ने गीडा स्थित शराब निर्माता कंपनी आईजीएल के प्रबंधक पर कड़ी नाराजगी जताई। कमिश्नर ने दो टूक शब्दों में प्रबंधतंत्र को हिदायत दी कि अगर जल्द ही प्रदूषण रोकने को कंपनी ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की तो ताला लगवा दिया जाएगा। उन्होंने यह कार्रवाई मंडलीय उद्योग बंधु समिति की बैठक के दौरान गीडा के उद्योगपतियों की शिकायत पर की। बैठक में कई उद्योगपतियों की यह शिकायत थी कि आईजीएल से फैल रहे प्रदूषण से उनके तमाम कर्मचारी और मजदूरों के अलावा आस-पास के लोग प्रभावित हो रहे हैं।
कमिश्नर सभागार में आयोजित इस बैठक में मंडल भर के उद्योगपतियों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं उठाईं। गीडा के उद्योगपतियों द्वारा ऋण पर ब्याज में छूट देने की अपील को कमिश्नर ने खारिज करते हुए कहा कि पूरी तरह से उद्योग स्थापित होने के बाद ही ब्याज में छूट मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि छूट के लिए उद्यमियों को उद्योग संबंधी सभी मानक पूरे कर आवेदन करना होगा। इसके बाद गीडा की बोर्ड बैठक में निर्णय लिया जाएगा। बैठक के दौरान गीडा के एक उद्योगपति ने शिकायत की कि उन्हें दो बार ढाई-ढाई एकड़ का प्लाट आवंटित हुआ मगर दोनों ही बार प्लाट विवादित निकला। इसपर कमिश्नर ने उन्हें आवंटन संबंधी कागजों के साथ सीईओ से मिलने का सुझाव दिया। इसी तरह गीडा में चोरी की घटनाएं बढ़ने पर उन्होंने सीईओ को निर्देश दिया कि वहां स्ट्रीट लाइटें लगाने के साथ ही सुरक्षागार्ड की संख्या बढ़ाई जाए।
इसी तरह देवरिया में पौधों के संरक्षण के लिए वन विभाग से 2.16 करोड़ रुपये की मांग पर कमिश्नर ने मुख्य वन संरक्षक से बात कर निर्देश दिया कि जिला उद्योग अधिकारी वहां के डीएफ ओ से मिलकर इस निर्णय को बता दें तथा तय 57 लाख रुपये का ही भुगतान करें। औद्योगिक स्थान में सोनौली रोड से रेलवे लाइन तक 700 मीटर सड़क निर्माण स्वीकृति के बाद भी नहीं बनने पर कमिश्नर ने नगर पालिका के अफसरों से पूछा तो सहायक अभियंता ने बताया कि ढाई करोड़ के बजट में एक करोड़ प्राप्त हो गया है। टेंडर की प्रक्रिया पूरी होते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
बैठक में डीएम गोरखपुर ओएन सिंह सीईओ गीडा डीके तिवारी, संयुक्त आयुक्त उद्योग बीके सिंह, उद्योग केन्द्र के एके सुमन, उद्यमी आरएन सिंह, प्रवीन मोदी, दाताराम सिंह, डा0 दिनेश कुमार पाठक, जमालुद्दीन आदि उद्यमी एंव संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।