गोरखपुर के गोला कस्बे के मोबाइल कारोबारी आशीष जायसवाल के जीएसटी नंबर पर 58.52 करोड़ रुपये का सामान बेचने का मामला सामने आया है। इसी सिलसिले में वाणिज्य कर विभाग की टीम बुधवार को गोला पहुंची और जांच-पड़ताल करके दस्तावेज जब्त किए।
विभागीय टीम के मुताबिक फर्म की तरफ से वित्तीय वर्ष 2017-18 में 58.52 करोड़ रुपये का बिक्री रिटर्न (आर-1) जमा कराया गया है। खरीद का रिटर्न (ई-1) 2.06 करोड़ रुपये है।
गोला चिकनिया स्थित जायसवाल ट्रेडर्स से मोबाइल फोन की बिक्री की जाती है। बिक्री में जबरदस्त उछाल की जानकारी मिली तो डिप्टी कमिश्नर खंड-2 आशीष पांडेय, सूर्य प्रकाश, आलोक यादव और रूपेश मिश्रा की टीम जांच करने पहुंच गई।
कारोबारी से खरीद, बिक्री के कागजात तलब किए गए। गहनता से जांच हुई, फिर कुछ कागजात जब्त करके मुख्यालय लाया गया। कारोबारी से पूछताछ की गई है।
कारोबारी के मुताबिक गोरखपुर के मंजू इंटरप्राइजेज और महाराजा ट्रेडर्स ने जायसवाल ट्रेडर्स के नाम से खरीदारी की, फिर ई वे बिल के जरिए दिल्ली में बेचा है। हालांकि विभाग मामले की जांच कर रहा है।
एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 वीएन द्विवेदी का कहना है कि प्रथम दृष्टया गड़बड़ी मिली है। फर्म का रजिस्ट्रेशन सेंट्रल एक्ससाइज में भी है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। बिक्री गलत तरीके से हुई है, यह साबित हुआ तो करोड़ों रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा।
आईडी, पासवर्ड हैक करके की गई खरीद-बिक्री- कारोबारी
जीएसटीएन आईडी और पासवर्ड हैक करके 60 करोड़ रुपये की खरीद, बिक्री की गई है। ज्यादातर खरीद, बिक्री पिछले तीन महीने (जनवरी, फरवरी, मार्च) की है। टैक्स जमा करने वकील के पास गया था लेकिन साइट नहीं खुली।
वाणिज्य कर विभाग गया तो पता चला कि करोड़ों रुपये की खरीद, बिक्री की गई है। अब अफसर जांच-पड़ताल कर रहे हैं। मामले की सूचना पुलिस को भी दी है। - आशीष कुमार जायसवाल, प्रोपराइटर जायसवाल टेडर्स चिकनिया गोला
संभालकर रखें पासवर्ड, मोबाइल नंबर
एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 वीएन द्विवेदी ने व्यापारियों को संभलकर रहने की नसीहत दी है। उनका कहना है कि अपना ई-मेल आईडी, मोबाइल नंबर, जीएसटी नंबर और उसका पासवर्ड संभालकर रखें। इसका गलत इस्तेमाल संभव है। व्यापारी खुद जीएसटी रिटर्न भरने की कोशिश करें। दूसरे से रिटर्न भरवाना भी खतरनाक है। गोपनीय दस्तावेज या पासवर्ड बाहर गया तो भी नुकसान हो सकता है।