फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अस्पतालों की बेडों पर अब हर दिन नए रंग की चादर 

Fri, 19 Aug 2016 10:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
विज्ञापन
अधिकारियों साथ बैठक करते परिवार कल्याण राज्यमंत्री रविदास मेहरोत्रा। - फोटो : Mahesh Kumar
विज्ञापन
प्रदेश के मातृ शिशु एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि सरकारी अस्पतालों के बेडों पर अब हर दिन नए रंग की चादर का इस्तेमाल किया जाएगा। अभी तक सिर्फ हरे किनारों वाली सफेद चादर का इस्तेमाल किया जाता था। गंदी चादरों की शिकायत बढ़ने पर फैसला लिया गया है। हर दिन के हिसाब से चादर के रंग का निर्धारण होगा और उसी का इस्तेमाल भी होगा।
विज्ञापन


शुक्रवार को शहर में आए राज्य मंत्री पत्रकारों से मुखातिब हुए। उन्होंने कहा कि  प्रदेश में एक सर्वे के मुताबिक अभी भी 22 फीसदी महिलाएं ही ऐसी हैं जो प्रसव के एक घंटे के भीतर स्तनपान कराती हैं। अभी भी महिलाओं की एक बड़ी संख्या ऐसी है जो स्तनपान के प्रति जागरूक नहीं है। इसलिए निर्णय लिया गया है कि आशा महिला कार्यकर्ता नियमित रूप से गर्भवती महिलाओं के साथ बैठक कर स्तनपान के फायदे बताएंगी। इसमें मातृ और शिशु को होने वाले लाभों को बताकर स्तनपान के लिए प्रेरित भी करेंगी। इसके लिए हर बैठक के हिसाब से आशा को 100 रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में भुगतान भी किया जाएगा। साथ ही प्रसूता की मौत होने पर उसकी सूचना देने पर आशा को 200 रुपये दिए जाएंगे। कहा कि प्रसूता की मौत की आडिट कराई जाएगी ताकि असल वजह पता चल सके।  घर पर हुआ प्रसव तो दाई पर दर्ज होगा मुकदमा  प्रदेश में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बावजूद अभी भी हर साल 22 लाख प्रसव घर पर ही होते हैं। दाई द्वारा प्रसव कराने के बाद जच्चा या बच्चा में से किसी की मौत हुई तो दाई पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा। राज्यमंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में प्रसव की संख्या बढ़ी है मगर प्रयास यही है कि 100 फीसदी संस्थागत प्रसव हो। इसके लिए दाई पर भी सख्ती करनी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें