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सिख दंगों के दोषी जेल में होंगे, एसआईटी कर रही हर पहलू की जांच- योगी

Thu, 01 Aug 2019 02:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : Amar Ujala
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 1984 के सिख विरोधी दंगों का कोई भी आरोपी बचने नहीं पाएगा। राज्य सरकार ने एसआईटी का गठन किया है। हर पहलू की जांच कराई जा रही है। दंगा पीड़ितों को न्याय जरूर मिलेगा। दोषियों को खींचकर जेल में डाला जाएगा।

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मुख्यमंत्री दो दिवसीय (31 जुलाई और 1 अगस्त) दौरे पर बुधवार को यहां पहुंचे। सबसे पहले मोहद्दीपुर गुरुद्वारा में मत्था टेका, फिर विकास कार्यों का शिलान्यास, लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु नानक देव का 550वां प्रकाशोत्सव मनाने की तैयारी चल रही है। नानक देव से संबंधित जितने भी स्थान व गुरुद्वारे यूपी में हैं, सबका पुनरुद्धार कराया जाएगा।

प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री आवास लखनऊ पर कई कार्यक्रम कराए जा रहे हैं, जो पूरे साल चलेंगे। इसी कड़ी में गोरखपुर के गुरुद्वारों का पुनरुद्धार कराया गया है। मोहद्दीपुर में गुरु नानक जी आए थे। इस गुरुद्वारे के लिए 1.76 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। इसमें से 88.60 लाख रुपये जारी कर दिए गए हैं। जटाशंकर गुरुद्वारा के लिए 94.32 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। इनमें से 47.16 लाख रुपये जारी किए गए।
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योगी ने कहा कि सिख गुरुओं ने देश और धर्म की रक्षा करने की परंपरा का मार्ग प्रशस्त किया। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने भी सिखों से जुड़े आध्यात्मिक सर्किट, ननकाना साहिब तक जाने के लिए कॉरिडोर बनाने की योजना तैयार की है। इस मौके पर सरदार देवेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, मनमोहन सिंह, राजेश साहनी, जयपाल सिंह कोहली, अमृतपाल सिंह सोनी, गुरु जसपाल सिंह, महापौर सीताराम जायसवाल, जगदीश आनंद, नगर विधायक डॉ. आरएमडी अग्रवाल मौजूद रहे।

शहीद ऊधम सिंह की याद किया

मुख्यमंत्री योगी ने शहीद ऊधम सिंह को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि सिखों ने ऐसे कई क्रांतिकारी दिए जिन्होंने देश के लिए सब कुछ न्यौछावर कर दिया। जिस उम्र में लोग नौकरी और परिवार के लिए जीते हैं, उस उम्र में ऊधम सिंह ने देश के लिए शहीद हो गए।

नगर विधायक डॉ. आरएमडी अग्रवाल ने कहा कि कार्यक्रम के लिए 31 जुलाई का दिन इसलिए तय किया गया, क्योंकि इसी दिन स्वतंत्रता सेनानी ऊधम सिंह को इंग्लैंड में फांसी दी गई था। जलियावाला बाग नरसंहार का बदला लेने के लिए ऊधम सिंह 1940 में इंग्लैंड गए और वहीं जनरल ओ. डायर की हत्या की थी।

'दो साल का काम नौ महीने में पूरा कराया'

कार्यक्रम का संचालन कर रहे मोहद्दीपुर गुरुद्वारा के सरदार मनमोहन सिंह ने कहा कि गुरुद्वारा का निर्माण 1956 में हुआ था। इस बीच कई बार सड़क बनी और गुरुद्वारे की फर्श सड़क से नीचे चली गई। मार्च 2017 में मुख्यमंत्री से मिलकर गुरुद्वारे के सुंदरीकरण की मांग की गई थी। मुख्यमंत्री ने तुरंत स्वीकृति दे दी थी। जो काम दो साल में पूरा होना चाहिए, वह नौ महीने में पूरा हो गया है।

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