उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन इसे आगे नहीं बढ़ने दिया जा रहा था। भाजपा नेतृत्व ने जब उन्हें प्रदेश की बागडोर सौंपी इसके बाद उन्होंने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई स्तर पर काम किए।
प्रयागराज में कुंभ का आयोजन इसी दिशा में उठाया गया ऐसा कदम है। यूनेस्को ने भी कुंभ मेले को वैश्विक मान्यता दी है। कुंभ पर प्रयागराज आने का न्योता देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हजारों साल लग रहा है। यहां जाने वाले श्रद्धालु सरकार की सुविधाओं के मोहताज नहीं होते। कहा, सरकार इस बार वहां हर तरह के इंतजाम कर रही है।
पहले जहां मात्र 1700 हेक्टेयर में मेले का आयोजन होता था, इस बार यह 3200 एकड़ में आयोजित हो रहा है। श्रद्धालुओं के लिए 20 हजार पंडाल बनाए गए हैं। छह लाख गांव इससे जुड़ने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में कुंभ की चर्चा पूरी दुनिया में है। 71 देशों के राजदूतों ने अपने-अपने देशों की ध्वजा पताका लगाकर वैश्विक मान्यता दी है।
इस मौके पर पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि महोत्सव सिर्फ मनोरंजन के लिए बल्कि संस्कृति को समझने के साथ रोजगार उपलब्ध कराने का भी साधन है। कार्यक्रम में मेयर सीताराम जायसवाल, विधायक फतेह बहादुर सिंह, संत प्रसाद, संगीता यादव, अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी समेत जिले के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।