मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को हिंदू सेवाश्रम में जनता दरबार लगाया और 250 फरियादियों को सुना। जनता दरबार में कई फरियादी ऐसे भी आए, जो पहले भी चार-पांच बार आ चुके हैं, पर उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने समस्या समाधान अधिकारी से कहा कि सभी मामलों को गंभीरता से देखें। संबंधित अधिकारियों से बात कर मामले का जल्दी से जल्दी हल कराएं।
नाबालिग को थाने में किया बंद
महराजगंज जिले के परसा मलिक थाना क्षेत्र के निपनियां गांव निवासी फूला देवी ने शिकायत की कि गांव के एक व्यक्ति से उनका रास्ते का विवाद है। वह पुलिस का खास है। उसने उन लोगों को मारा पीटा, विरोध करने पर उन लोगों के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस ने महिलाओं को पीटा तथा नाबालिग बेटे धर्मवारी के थाने में बंद करा दिया। फूला देवी के साथ आए बेटे ने बताया कि वह मां के साथ चार-पांच बार मुख्यमंत्री के दरबार में शिकायत कर चुका है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।।
संतकबीरनगर जिले के धनघटा थाना क्षेत्र के छितौनी गांव निवासी अशोक कुमार यादव ने मुख्यमंत्री से शिकायत किया कि उनके गांव में ग्रामसमाज की गड़ही पर कुछ लोग अवैध निर्माण करा रहे हैं। विरोध करने पर फौजदारी पर उतारू हो जा रहे हैं। महानगर के उत्तरी आर्यनगर निवासी मीना देवी ने बताया कि आर्यनगर उत्तरी कुर्मियान टोला की निवासी है। प्रधानमंत्री आवास उसे मिला हुआ है। पिलर निर्माण भी हो चुका है। उनके पड़ोसी अब कार्य रोक रहे हैं। मामला न्यायालय में गया पर न्यायालय ने निर्माण कार्य रोकने का कोई आदेश नहीं दिया है। बावजूद पुलिस काम नहीं होने दे रही है।
नौकरी दिलाने के नाम हड़पा डेढ़ करोड़
चौरी चौरा थाना क्षेत्र के गौनर गांव निवासी रामकरन पाल ने शिकायती पत्र में कहा है कि दिल्ली के रहने वाले मनीष फोनिया नामक व्यक्ति ने बिस्मिल पार्क के पास एक आफिस खोला था। जिसका नाम था मर्चेंट नेवी सेंट्रल एकेडमी। वह मर्चेंट नेवी में नौकरी दिलाने की बात कहता था। उसने उनके अलावा, पवन, रितेश, कपिल, रामकरन, लवकेश, सतविंदर, अविनशा विशाल से करीब डेढ़ करोड़ रुपये ले लिया और फरार हो गया। रामकरन ने कहा कि अपना रुपया बैंक से उसके खाते में ट्रांसफर किये है। उसकी रसीद भी है। आफिस बंद कर भागने के बाद उसकी शिकायत उन लोगों ने कैंट थाने में की, पर पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। थक कर वह मुख्यमंत्री से शिकायत करने आए हैं।