जीडीए में बैठक कर बाहर आते मुख्यमंत्री।
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मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार गृह जनपद आए आदित्यनाथ योगी ने पुलिस अधिकारियों को सरकार का एजेंडा याद दिलाने के साथ ही नसीहत भी दी। उन्होंने साफ किया कि एंटी रोमियो सेल का गठन शोहदों से सुरक्षा के लिए किया गया है। पुलिस महिलाओं, छात्राओं को सुरक्षा दें। इसके नाम पर शरीफ लोगों को परेशान कर वाहवाही न लूटे। परेशान करने वाले पुलिस वालों पर भी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि अवैध बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही आवेदन करने वालों को लाइसेंस भी जारी किए जाएं।
जीडीए सभागार में अफसरों के साथ बैठक के दौरान सीएम ने यातायात व्यवस्था में सुधार करने को कहा। बोले, तमाम जगहों पर अवैध ऑटो स्टैंड बन गए हैं। उन्हें हटाकर यातायात व्यवस्था दुरुस्त की जाए। वाहनों की चेकिंग के दौरान पुलिस वसूली न करें। भू माफिया, अवैध खनन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। किसी भी दशा में ऐसे लोगों को बख्शा न जाए। कानून का राज होना चाहिए। गुंडे और माफिया को उनकी असली जगह यानी जेल भेजा जाए। पुलिस अफसर खुद भी पैदल गश्त करें और कानून व्यवस्था पर नजर रखें। कानून तोड़ने वाले चाहे जो हों, वो सिर्फ अपराधी हैं और कानून के मुताबिक उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
चंद मिनटों में ही दिखा असर
अफसरों के साथ बैठक कर जैसे ही मुख्यमंत्री लखनऊ के लिए रवाना हुए, उनके आदेश का असर भी दिखने लगा। एयरपोर्ट से निकलने के बाद आईजी मोहित अग्रवाल, डीआईजी एन. चौधरी, एसएसपी रामलाल वर्मा ने गोलघर में पैदल मार्च किया। शाम साढ़े सात बजे निकले अफसरों ने शहर के प्रमुख चौराहों पर पैदल मार्च कर लोगों को कानून का एहसास कराया।