नगर निगम बकाया टैक्स वसूलने के लिए अब बकाएदारों के घरों, दफ्तरों में दस्तक देगी। इसके लिए कर विभाग के इंस्पेक्टरों की दो टीमें बनाई गई हैं। 31 मार्च को वित्त वर्ष की क्लोजिंग होनी है, जिसके लिए कर विभाग को कड़ी मेहनत करनी होगी। आंकड़ों के मुताबिक एमएमएमयूटी पर 4 करोड़ रुपये बकाया है, जबकि सरकारी विभागों पर लाखों और आम लोगों पर हजार रुपये की देनदारी है।
कुछ दिनों पहले नगर निगम ने शहर के विभिन्न इलाकों में कैंप लगाकर टैक्स वसूलने की कोशिश की थी, मगर यह प्रयास कारगर नहीं हुआ। इसी के मद्देनजर वित्त वर्ष की समाप्ति नजदीक होने से यह कदम उठाना पड़ा है। विभिन्न लोगों पर 2016-17 का कुल 5 करोड़ रुपये बकाया है। इस मामले में सबसे आगे तकनीकी विश्वविद्यालय है, जिस पर अकेले ही 4 करोड़ की देनदारी है। इसके अलावा सरकारी विभागों पर 5 से 6 लाख रुपये सर्विस टैक्स की देनदारी है और कुछ लोगों की 25 से 30 हजार रुपये सर्विस टैक्स दिया जाना है। विभाग इसकी वसूली अब घर-घर जाकर करेगा।
अधिकारियों का कहना है कि एमएमएमयूटी पर पिछले वर्षों का भी बकाया है। एक वर्ष का जब वे 20 लाख रुपये अदा करते हैं तो 31 मार्च के बाद 12 प्रतिशत ब्याज के बाद मोटी रकम फिर से मूल रकम में देनदारी के लिए जुड़ जाती है। ऐसे में जब तक यूनिवर्सिटी की ओर से बड़ी राशि अदा नहीं की जाती है, समस्या बनी रहेगी।
कर अधिकारी रवीश चंद्र का कहना है कि अब सर्विस टैक्स वसूली के लिए टीम बकाएदारों के घरों में जाएगी। मोहलत मांगने वालों को 12 प्रतिशत ब्याज जुड़ने की चेतावनी देकर 31 मार्च से पहले टैक्स जमा करने को प्रेरित किया जाएगा।