11 लाख के बकाए पर विद्युत निगम के चीफ इंजीनियर का खाता सीज
गोरखपुर। करंट से हुई दो मौतों के मामले में 11 लाख रुपये मुआवजा नहीं देने पर सदर तहसील प्रशासन ने बिजली निगम के मुख्य अभियंता का बैंक खाता सीज कर दिया। मुख्य अभियंता को दो दिन के भीतर आरसी की पूरी रकम जमा करने का मौका दिया गया है। तय समय में रुपया नहीं जमा करने पर खाते से रकम निकाल ली जाएगी।
तहसील प्रशासन के मुताबिक माल्हनपार क्षेत्र के कोनी बुजुर्ग गांव के गोरख तिवारी के पुत्र द्वारिका नाथ तिवारी की मौत 25 जुलाई 2018 को हाईटेंशन तार गिरने से हो गई थी। इस मामले में लोक अदालत ने दिसंबर 2018 को मुख्य अभियंता को 3 लाख रुपये सात फीसदी ब्याज के साथ पीड़ित परिवार को क्षतिपूर्ति देने का निर्देश सुनाया था। इसी तरह दूसरे मामले में श्रम विभाग के क्षतिपूर्ति आयुक्त, उप श्रम आयुक्त ने बिजली निगम को संविदा लाइनमैन राजन सिंह की करंट से मौत पर उनकी पत्नी प्रेमशीला को 4.16 लाख रुपये आठ फीसदी ब्याज के साथ देने का निर्णय सुनाया था।
मगर प्रेमशीला को भी मुआवजे की यह रकम नहीं मिली। संग्रह अमीन विद्या चरण पांडेय ने बताया कि दोनों मामलों में ब्याज के साथ यह रकम बढ़ कर क्रमश: 3 लाख 14 हजार 115 और 7 लाख 63 हजार 153 रुपये हो गई थी।
लोक अदालत और श्रम न्यायालय के फैसले के तहत एसडीएम के निर्देश पर तहसील प्रशासन ने कई बार आरसी जारी कर नोटिस दिया लेकिन धनराशि जमा नहीं कराई गई। इसपर सोमवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रथमेश कुमार के निर्देश पर सदर तहसीलदार डॉ संजीव दीक्षित की अगुवाई में राजस्व टीम ने मुख्य अभियंता के स्टेट बैंक मोहद्दीपुर शाखा स्थित बैंक एकाउंट को सीज करने की कार्रवाई की गई।