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अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दे लिया छठ मां का आशीर्वाद

Wed, 18 Nov 2015 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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गोरखपुर। छठ पर्व पर मंगलवार की शाम व्रती महिलाओं ने आस्था और श्रद्धा के साथ अस्त होते ही भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर मंगलकामना की। इसके लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने नदी, जलाशयों और अस्थाई पोखरों में खड़े होकर भगवान सूर्य की आराधना की। इस दौरान घाटों पर जयघोष व मंगल गीत गूंजते रहे। घाटों पर प्रकाश व सुरक्षा का समुचित इंतजाम रहा।
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महिलाएं दोपहर बाद तीन बजे घरों से टोली बनाकर जलाशयों के लिए निकलीं। हाथों में कलश व दीप लिये नंगे पैर ‘कांच ही बांस क बहगिया, बहगी लचकत जाय...’ जैसे मंगल गीत गाते हुए समूह भगवान सूर्य की पूजा के लिए चला जा रहा था। उनके साथ परिजन अपने सिर पर पूजा सामग्री लिये चल रहे थे। बहुत से श्रद्धालु तो गाजे-बाजे के साथ थे। देखते-देखते नदी घाटों पर हजारों की भीड़ इकट्ठा हो गई और जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा। शाम से पहले ही महिलाएं अपनी-अपनी वेदी पर बैठ गईं और पूजन सामग्री को सूप में सजाने लगीं। भगवान सूर्य के अस्ताचलगामी होते ही उन्होेंने जल में खड़े होकर विधिवत पूजा-अर्चना की और परिक्रमा कर मंगल कामना की। उसके बाद जलता हुआ दीपक हाथ में लेकर सुबह फिर घाट पर पहुंचने के संकल्प के साथ महिलाएं घर को लौटीं। महापर्व पर राप्ती नदी के राजघाट व शंकर घाट तथा सूर्यकुंड धाम पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। इसके अलावा गोरखनाथ स्थित भीम सरोवर, विष्णु मंदिर, खरैया पोखरा, महेसरा ताल, रामगढ़ताल, जगन्नाथपुर स्थित दुर्गा मंदिर तथा बिछिया के हनुमान मंदिर पर भी खासी भीड़ देखी गई। घाटों से लौटने के बाद व्रती महिलाओं ने अपने-अपने घरों में कोसी भरी। इस दौरान भी मंगल गीत गूंजते रहे। मंगलवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने का अनुष्ठान करने के बाद अब बुधवार को उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। उसके बाद व्रती महिलाएं पारण कर अपना व्रत तोड़ेंगी।
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