सूबे के मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने भी स्वीकार किया कि शहर बहुत गंदा है। सर्किट हाउस से मेडिकल कॉलेज, वहां से गुलरिहा और फिर जीडीए तक के सफर के दौरान सड़कों के किनारे जगह-जगह पड़े कूड़े के ढेर और बरसात के बाद नालियों से बाहर फैले कचड़े ने खुद मुख्य सचिव के सामने सफाई का सच बयां कर दिया। नगर निगम पर सख्ती के साथ ही उन्होंने कमिश्नर और डीएम को भी प्रत्येक दो दिन पर अलग-अलग वार्डों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया।
मुख्य सचिव गुरुवार को जीडीए सभागार में मंडल में कानून व्यवस्था एवं विकास कार्यों की समीक्षा के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नगर आयुक्त के अलावा ये दोनों अफसर यह सुनिश्चित करें कि शहर के सभी मोहल्लों में नियमित सफाई हो। उन्होंने कहा कि सफाई को लेकर उन्होंने लखनऊ में बैठक के दौरान पूर्व में भी हिदायत दी थी। अब इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कहीं भी खामी मिली तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। करीब डेढ़ साल पहले यहां आए पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन ने भी शहर को गंदा बताया था, मगर इसके बाद भी सफाई के पुख्ता इंतजाम को लेकर कोई सार्थक पहल नहीं हुई।
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने किसी भी विभाग से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की रिपोर्ट तो नहीं देखी मगर त्यौहारों में शांति व्यवस्था, बिजली, स्वास्थ्य और सड़कों की बेहतरी पर उनका पूरा जोर था। उन्होंने लोनिवि के मुख्य अभियंता को निर्देश दिया कि वे तय समय सीमा के भीतर सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत का काम पूरा कराएं। साथ ही शासन को यह रिपोर्ट उपलब्ध कराएं कि वे सप्ताह भर के भीतर वे मंडल में कितने किलोमीटर सड़क का निर्माण पूरा करा लेंगे। कहा कि जहां भी पुल बने हैं उनके एप्रोच का काम भी जल्द पूरा कर लिया जाए क्योंकि बिना एप्रोच के पुल की कोई सार्थकता ही नहीं।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पाण्डा, डीजीपी जावीद अहमद, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अरुण सिन्हा, प्रमुख सचिव लोनिवि, कमिश्नर अनिल कुमार, आईजी मोहित अग्रवाल, डीआईजी शिव सागर सिंह समेत चारों जिलों के डीएम, एसएसपी, सीडीओ समेत कई मंडलीय अधिकारी मौजूद रहे।
त्यौहारों में घटना हुई तो डीएम-एसएसपी होंगे जिम्मेदार
मुख्य सचिव ने अफसरों को सतर्क करते हुए कहा कि अक्टूबर का महीना त्यौहारों का है। दशहरा और मोहर्रम के मौके पर मूर्ति विसर्जन एवं जुलूस का कार्य शांति से पूरा कराया जाए। इस दौरान अगर कहीं पर भी कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी डीएम और एसएसपी की होगी। उन्होंने कहा कि दशहरा और मोहर्रम की दसवीं का जुलूस एक ही दिन होगा, ऐसे में सभी संप्रदाय के लोगों से बातचीत कर समय एवं रूट का निर्धारण कर लिया जाए ताकि बाद में कोई विवाद न रहे।
उन्होंने कहा कि सही निर्णय लेकर समस्याओं का निदान कराएं। मंडल के सभी डीएम को नसीहत देते हुए कहा कि डीएम के पास काफी अधिकार होते हैं। इन अधिकारों का प्रयोग करके सामंजस्य से सभी कार्य योजनाबद्ध तरीके से पूर्ण कराए जाएं। मूर्ति विसर्जन के इंतजामों के बारे में उन्होंने कहा कि कोर्ट के निर्देशों का पूरी तरह से पालन हो और किसी भी दशा में गंगा और यमुना में विसर्जन न होने पाए। डीजीपी जावीद अहमद ने कहा कि मूर्ति विसर्जन और जुलूस रूट का निरीक्षण कर लिया जाए। सभी पूजा समितियों से बांड भरवा लिए जाएं कि वे निर्देशों का उल्लंघन नहीं करेंगी। त्यौहारों में सादे कपड़ों में भी पुलिस की तैनाती की जाए जो लोगों के बीच रहते हुए सभी गतिविधियों पर बारीकी से नजर बनाए रखें।
188 को साइकिल, 25 को मिला लोहिया आवास
मुख्य सचिव ने 188 श्रमिकों को साइकिल, समाजवादी पेंशन योजना के 25 लाभार्थियों को पेंशन के कागज, श्रम विभाग द्वारा संचालित नौ लाभार्थियों को चेक तथा 25 लोहिया ग्रामीण आवास योजना के लाभार्थियों को आवास का कागज भी वितरित किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से समाजवादी किसान एवं सर्वहित बीमा योजना शुरू की जा रही है। इसके तहत 15 करोड़ किसानों को लाभान्वित किया जाएगा। पहले तीन करोड़ लोगों का कार्ड बनाया जाएगा। इसके लिए पहल शुरू हो गई है। योजना के तहत मृत्यु होने पर 5 लाख तथा चिकित्सा पर ढाई लाख का धन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त जो कार्ड बनेगा वह कैशलेस चिकित्सा के लिए भी मान्य होगा।
मुख्य सचिव ने दिए स्काडा में घोटाले की जांच के निर्देश
विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने स्काडा योजना में गड़बड़ी पर कमिश्नर अनिल कुमार को जांच के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने यह कार्रवाई ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विधायक विजय बहादुर की शिकायत पर की। समीक्षा बैठक के पूर्व विधायक ने सर्किट हाउस पर उनसे मुलाकात कर स्काडा के कामों की गति धीमी होने के साथ ही साथ इसमें इस्तेमाल होने वाले बिजली के उपकरणों की गुणवत्ता घटिया होने की शिकायत की थी।
विधायक ने यह भी बताया कि इस योजना के तहत जहां तार या ट्रांसफार्मर आदि के काम हुए, उनमें से कई स्थानों पर दो दिनों के भीतर ही उपकरण जवाब दे गए, जिससे आम आदमी को घंटों की बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। उन्होंने सूरजकुंड ओवरब्रिज पर स्ट्रीट लाइट और खोराबार के 17 ग्राम सभाओं में शहरी विद्युत आपूर्ति की भी मांग की।
उधर, मुख्य सचिव ने उप्र पावर कारपोरेशन के एमडी एपी मिश्रा से लोकल फाल्ट रोकने के साथ ही दुर्गा पूजा और मोहर्रम में किसी भी दशा में रात में बिजली न काटने की हिदायत दी। कहा कि महकमा ऐसे सेंटर बनाएं जहां आम आदमी बिजली फाल्ट की सूचना दे सके। चेताया कि यह सेंटर सिर्फ नाम के नहीं होने चाहिए। वहां निरंतर फोन उठने चाहिए। शिकायत दर्ज होनी चाहिए और समय से उन्हें दुरुस्त कराने की भी व्यवस्था होनी चाहिए।
एमडी ने सफाई देते हुए बताया कि रिहंद में गड़बड़ी और मशीनों की क्षमता में कमी से पांच दिनों से बिजली की उपलब्धता में कमी आई है। गुरुवार को सिर्फ एक दिन के लिए एनर्जी सेंटर से आठ करोड़ की बिजली खरीदी गई। जरूरत पड़ने पर आगे भी बिजली खरीदी जाएगी। उन्होंने बताया कि 15 अक्टूबर से शहरों में 22 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 16 घंटे बिजली मिलेगी। शिकायत दूर करने के लिए सुविधा केंद्र भी खोले जा रहे हैं।