गोरखपुर। कलेक्ट्रेट स्थित रिकॉर्ड रूम (अभिलेखागार) में रखे जिले भर की जमीनों से जुड़े कागजातों की सुरक्षा के लिए डीएम ने संजीदगी दिखाई है। उनके निर्देश पर अभिलेखागार के भीतर चारो तरफ सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। यही नहीं अफसरों-कर्मचारियों की आड़ में कोई दूसरा व्यक्ति फाइलों तक न पहुंच सके इसके लिए हैंड हेल्ड स्कैनर भी लगाए जाएंगे। डीएम ओएन सिंह ने बताया कि जल्द ही यह उपकरण भी लगा दिया जाएगा। साथ ही जरूरत पड़ने पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। कहा कि हैंड हेल्ड स्कैनर लगने के बाद पंजों की छाप से मिलान होने पर ही फाइलों वाले कमरे तक कोई दाखिल हो सकेगा।
अभिलेखागार से फाइलें गायब होने या उनके खराब होने की मिल रही शिकायतों पर डीएम ने अभिलेखागार प्रभारी व एडीएम (प्रशासन) को वहां सीसीटीवी कैमरा लगाने का निर्देश दिया था। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान कैमरे न लगने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई थी। इसके बाद हरकत में आए अफसरों ने आनन-फानन में अभिलेखागार में कैमरे लगवा दिए।
बता दें कि अभिलेखों की सुरक्षा के लिए ही करीब दो साल पहले राजस्व परिषद की तरफ से प्रदेश के सभी अभिलेखागारों के रिकॉर्ड का डिजिटाइजेशन कराया गया। इसी क्रम में गोरखपुर के अभिलेखागार में रखे लाखों दस्तावेजों को भी डिजिटाइज कर कंप्यूटर में सुरक्षित किया गया। हालांकि, चूहों और दीमक की वजह से कई पुरानी फाइलों को बचाया नहीं जा सका। इन फाइलों में रखे पन्ने छूते ही नष्ट हो जा रहे हैं। फिर भी बड़ी संख्या में फाइलों को सुरक्षित कर लिया गया है। अब सीसीटीवी कैमरे और हैंड स्कैनर लग जाने से इन फाइलों की सुरक्षा और बढ़ जाएगी।