अतीक अहमद प्रकरण की जांच कर रही सीबीआई टीम के दो सदस्य जिले में रुके हुए हैं। विवेचक के मांगने पर वे जरूरी कागजात उपलब्ध करा रहे हैं। सीबीआई टीम के बार-बार जेल में जाने से जेल प्रशासन भी सांसत में है।
लखनऊ के रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल का अपहरण कर देवरिया जेल में पिटाई के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने 12 जुलाई को केस दर्ज किया था। जांच के लिए 19 को टीम जिले में आई। सीबीआई के एसपी, एएसपी ने डीएम, एसपी से मिलकर जानकारी ली। जेल पहुंचकर रिकॉर्ड खंगाले गए। माफिया अतीक अहमद के बैरक की बारीकी से जांच की गई। कई दिन तक जिले में रहकर जांच के बाद टीम के अधिकांश सदस्य लखनऊ लौट गए।
मामले की विवेचना कर रहे एएसपी के निर्देश पर एक इंस्पेक्टर और एक कांस्टेबल यहीं रुके हुए हैं। विवेचक के निर्देश पर ये वांछित सूचनाएं उपलब्ध करा रहे हैं। सूचनाओं के लिए उन्हें बार-बार जेल जाना पड़ रहा है। सीबीआई टीम के कब क्या रिकॉर्ड मांग देने की आशंका से जेल अधिकारियों के माथे चिंता की लकीरें हैं। इस बाबत जेल अधीक्षक केपी त्रिपाठी ने बताया कि सीबीआई टीम जांच कर रही है। उनके मांगने पर वांछित रिकॉर्ड और सूचनाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।