जिला अधिकारी को ज्ञापन देने पहुंचे गोरखपुर आटोमोबाइल्स वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्य
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ट्रांसपोर्टनगर को गीडा शिफ्ट करने के लिए प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। एसपी सिटी हेमराज मीणा के नेतृत्व में दो दिनों में टीपीनगर में खड़े करीब 150 ट्रकों का चालान काटा गया है। अभियान का आलम यह है कि टीपीनगर में ट्रक खड़े होने बंद हो गए हैं।
18 अप्रैल को डीएम ओएन सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में परिवहन विभाग, ट्रक यूनियन, ट्रक ऑपरेटरों और ट्रैफिक पुलिस के साथ बैठक कर ट्रांसपोर्ट नगर को गीडा शिफ्ट करने की तिथि एक मई तय की थी। इसे ट्रक यूनियन और ट्रक ऑपरेटरों ने भी अपनी सहमति दी थी। लेकिन अधिकारियों की उदासीनता के चलते समय सीमा खत्म होने के बाद भी आदेश का पालन नहीं हो पाया।
इस पर गीडा ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के ट्रांसपोर्टरों ने डीएम से मुलाकात कर ट्रांसपोर्ट नगर गीडा शिफ्ट करने की मांग की थी। इसी का नतीजा है कि प्रशासन ने एक बार फिर सख्ती की है और टीपी नगर की सड़कों पर ट्रक खडे करने वाले ट्रांसपोर्टरों पर कार्रवाई करते हुए वाहनों का चालान किया जा रहा है। इस अभियान की कमान एसपी सिटी हेमराज मीणा ने उठाई है।
गीडा और पुलिस की टीम टीपीनगर में वाहनों की जांच कर रही है। सड़कों पर खड़े वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। ट्रांसपोर्टरों को जल्द ही गीडा शिफ्ट कर दिया जाएगा।
- हेमराज मीणा, एसपी सिटी
डीएम से मिला ऑटोमोबाइल वेलफेयर एसोसिएशन
टीपीनगर को गीडा शिफ्ट करने के लिए की जा रही सख्ती के विरोध में ऑटोमोबाइल्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने डीएम से मुलाकात की। एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण आनंद, महामंत्री शैलेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि जीडीए द्वारा 1983 में टीपीनगर को बसाया गया था, जहां अब मोटर पार्ट्स की दुकानें है। यह मार्केट एनएच 28 से बीस फुट गहरे गड्ढे में है। इस मार्केट में केवल क्षतिग्रस्त गाड़ियों की ही मरम्मत होती है। नो इंट्री के वक्त ट्रकों का आवागमन नहीं हो सकता। इसलिए इस बात को भी कार्रवाई के समय ध्यान दिया जाए।