राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कराए गए कामों की जांच को एक बार फिर कैग (कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया) की टीम गोरखपुर आ रही है। सोमवार को टीम के पहुंचने की संभावना है। इसे लेकर स्वास्थ्य महकमा में हड़कंप मचा हुआ है। सारे दस्तावेज दुरुस्त किए जा रहे हैं। रविवार छुट्टी के दिन भी स्वास्थ्य केंद्र और आला स्वास्थ्य अफसरों के दफ्तर खुले रहे।
पांच साल बाद कैग टीम के गोरखपुर आने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कहीं से कोई गलती न हो जाए इसको लेकर वहीं अफसर भी फिकरमंद हैं। कंप्यूटर रिकॉर्ड के अलावा मैनुअल रिकॉर्ड भी दुरुस्त किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत मेडिकल कॉलेज, जिला महिला अस्पताल, एडी हेल्थ, सीएमओ के अंडर में योजनाएं चलती हैं। स्वास्थ्य केंद्रों पर इस योजना से ज्यादा काम हुआ है इस वजह से संभावना है कि टीम दफ्तरों से ज्यादा सीएचसी और पीएचसी पर डेरा डालेगी।
यही वजह है कि मिशन निदेशक का पत्र आते ही सभी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों से वार्ता कर सीएमओ ने रिकॉर्ड को दुरुस्त रखने का आदेश जारी कर दिया है। ताकि कैग टीम की ओर से रिकॉर्ड मांगे जाने पर तुरंत उपलब्ध कराया जा सके। टीम योजना के तहत कराए गए कामों का भौतिक सत्यापन भी करेगी। इसके अलावा मैनुअल रिकॉर्ड पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। जो भी काम हुए है उसके बिल बाउचर को तैयार रखने का आदेश पहले ही आ चुका है।
‘कैग की टीम को आडिट करने के लिए आना है। सोमवार को टीम के आने की संभावना है। सभी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिया चुका है कि वह रिकॉर्ड को तैयार रखे ताकि आडिट के समय तुरंत उपलब्ध कराया जा सके। ’
- डॉ. आईवी विश्वकर्मा, कार्यवाहक सीएमओ