बाले मियां मैदान के पास सोमवार को एक सांड़ ने बुजुर्ग को पटक कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाते वक्त रास्ते में उनकी मौत हो गई।
सोमवार को बहरामपुर निवासी नेबूलाल निषाद बाले मियां मैदान के पास स्थित अपने खेत से दोपहर में करीब ढाई बजे घर लौट रहे थे। वह जैसे ही बाले मियां मैदान से आगे निकले, काले रंग के एक सांड़ ने उन पर हमला कर दिया। उन्होंने कुछ संभलने की कोशिश की, लेकिन सांड़ ने उन्हें तीन-चार बार पटक दिया। मौके पर मौजूद प्रमोद निषाद ने लोगों की मदद से सांड़ को डंडा और ईंट-पत्थर मारकर भगाया।
इसके बाद लोग घायल बुजुर्ग को घर ले गए। नेंबू लाल के पौत्र गोलू निषाद ने बताया कि तत्काल उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टर ने उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। मौत की खबर सुनते ही घर में सभी दहाड़े मारकर रोने लगे। आसपास के लोगों के अलावा ग्रामीण विधायक विजय बहादुर, पार्षद सौरभ विश्वकर्मा ने पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। सौरभ विश्वकर्मा ने कहा कि यह पूरी तरह से नगर निगम की लापरवाही का नतीजा है।
सांड़ को पकड़ने रात में पहुंची नगर निगम की टीम
गोरखपुर। पार्षद राकेश पासवान ने कहा कि जिस सांड़ के हमले में बुजुर्ग की मौत हुई, उसने कई और लोगों पर भी हमले की कोशिश की थी। मेयर के अलावा निगम के इंस्पेक्टर को फोन करके सांड़ को पकड़ने की मांग की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। शाम को जब सांड़ के हमले में बुजुर्ग की मौत की सूचना निगम के अधिकारियों को दी गई तो निगम ने उसे पकड़ने के लिए दस्ता को भेजा।
एक साल से चल रही कवायद नहीं हो सकी सफल
गोरखपुर। पिछले वर्ष जनवरी में भी सांड़ के हमले में नरसिंहपुर वार्ड में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इसके बाद लगातार कई घटनाएं हुईं। नगर निगम कार्यकारिणी और बोर्ड ने सांड़ों से हो रही समस्याओं के निदान के लिए पशुबाड़ा बनाने और इसकी देखरेख की जिम्मेदारी एक स्वयंसेवी संस्था कान्हा उपवन को देने की कवायद शुरू हुई। साथ ही सांड़ के हमले में मारे और घायल हुए लोगों को मुआवजा देने के संबंध में भी निर्णय लिया गया, लेकिन बात सिर्फ कागजी फैसले तक ही सीमित रह गई। दरअसल, एक स्वयंसेवी संस्था ने छुट्टा पशुओं को पकड़कर तस्करी करने का आरोप लगाते हुए मेयर और नगर आयुक्त के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, जिससे मामला ठंडा पड़ गया। हालांकि नगर आयुक्त राजेश कुमार त्यागी का कहना है कि जमीन उपलब्ध नहीं होने से पशुबाड़ा बनाने का काम पूरा नहीं हो सका है। इस संबंध में फिर से डीएम से जमीन उपलब्ध कराने की मांग की जाएगी।
सांड की वजह से पिछले साल हुए हादसे
20 जनवरी- नरसिंहपुर वार्ड के निजामपुर में एक व्यक्ति की मौत
26 जनवरी- घंटाघर में बाइक सवार युवक घायल
28 जनवरी- गीता प्रेस रोड पर सांड़ के हमले में घायल व्यक्ति की मौत
01 फरवरी- नरसिंहपुर में एक डॉक्टर की छत पर गाय चढ़ी
02 फरवरी- धर्मशाला बाजार में व्यापारी जख्मी
10 फरवरी- शेषपुर में डॉक्टर और आर्यनगर में महिला जख्मी
21 फरवरी- सिधारीपुर में बुजुर्ग रफीउद्दीन अंसारी घायल