शहर के 16 सरकारी स्कूल अभी भी किराए के मकान में चलते हैं। इन स्कूलों को खुद का भवन मयस्सर नहीं है। कहीं जमीन की दिक्कत हैं तो कहीं फंड आड़े आ रही है। ऐसे में एक ही कमरे या गैलरी में बच्चों को पढ़ाना मजबूरी है।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों में नये भवन बनाए जा रहे हैं। हर साल ग्रामीण इलाकाें में दो कक्षीय भवन का प्रस्ताव को मंजूरी मिल रही है। इस साल 23 प्राथमिक और एक जूनियर हाईस्कूल के भवन बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। शहर में 76 सरकारी स्कूल हैं। 16 स्कूलों के लिए भवन नहीं बन पा रहे हैं। स्कूल बनवाने के लिए सबसे पहली बाधा जमीन की है। नगर निगम की ओर से जमीन नहीं मिल रही है। वहीं जमीन की सहमति बन रही है तो फंड आड़े आ रही है। इसकी वजह से मिड-डे मील भी बच्चों को नहीं मिल पा रही है।
बेतियाहाता और तुर्कमानपुर में मिली जमीन
बेतियाहाता और तुर्कमानपुर प्राथमिक स्कूल के लिए जमीन मिल गई है। नगर शिक्षाधिकारी ब्रह्मचारी शर्मा ने बताया कि बेतियाहाता में हनुमान मंदिर से प्रेमचंद पार्क पानी टंकी के पास 2500 वर्ग फीट जमीन नगर निगम ने दी है। यहां पर दो कक्षीय भवन बनाया जाएगा। जबकि छोटे काजीपुर में 2000 वर्ग फीट जमीन मिली है। दोनों जगहों पर बजट आते ही स्कूल बनना शुरू हो जाएगा।