बीआरडी मेडिकल कॉलेज में फिर जूनियर डॉक्टरों ने तीमारदारों को पीटा
मेडिकल कॉलेज। बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों द्वारा मरीज और तीमारदारों से अभद्रता, मारपीट करने का सिलसिला थम नहीं रहा है। सोमवार को सड़क हादसे में घायल किशोर को उपचार देने में देरी किए जाने की बात कहने पर जूनियर डॉक्टर परिजनों से भिड़ गए। इस दौरान दो रिश्तेदारों को इन डॉक्टरों ने जमकर पीटा। पुलिस पीड़ित पक्ष को अपने साथ ले गई लेकिन रिपोर्ट नहीं लिखी गई।
चिलुआताल क्षेत्र के चैनपुर गांव निवासी मकसूदन गुप्ता का 14 वर्षीय बेटा शनि गुप्ता सोमवार सुबह सड़क हादसे में घायल हो गया। परिजन उसे मेडिकल कॉलेज ले पहुंचे। यहां ट्रामा सेंटर में किशोर को काफी देर तक किसी डॉक्टर ने नहीं देखा तो परिजनोें ने नाराजगी जताई। बात इतनी बढ़ी कि जूनियर डॉक्टर और तीमारदारों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। नाराज परिजन बच्चे को लेकर निजी अस्पताल चले गए।
थोड़ी देर बाद मामा सुग्रीव गुप्ता अपने दोस्त केशव निषाद के साथ शनि का हालचाल लेने मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर पहुंचे। दोनों ने डॉक्टरों से शनि गुप्ता के बारे में पूछा। डॉक्टरों ने इन दोनों से कहा कि फोन कर बच्चे को वापस बुलवाएं। सुग्रीव ने फोन पर बात की और परिजनोें ने उन्हें घटना की जानकारी देते हुए शनि को दोबारा मेडिकल कॉलेज लाने से इनकार कर दिया।
सुग्रीव ने भी नाराजगी जताते हुए भांजे को मेडिकल कॉलेज नहीं लाने की बात कही। आरोप है कि इस पर जूनियर डॉक्टरों ने सुग्रीव गुप्ता और केशव निषाद की पिटाई कर दी और पुलिस को सूचना दे दी। मेडिकल चौकी पुलिस दोनों को थाने ले गए। गुलरिहा थाना प्रभारी मनोज कुमार राय ने बताया कि दोनों पक्ष से शिकायती तहरीर नहीं मिली है।