कचहरी क्लब में आयोजित पुस्तक मेले में बच्चे।
- फोटो : Shivharsh Dwivedi
कचहरी क्लब में लगे राष्ट्रीय पुस्तक मेले के तीसरे दिन इतवार का पूरा असर दिखा। स्कूल बंद होने से बच्चों की मेले में बड़ी संख्या में आवग रही। अभिभावकों के साथ मेले में पहुंचे बच्चों ने पसंद की किताबों की जमकर खरीदारी की।
बच्चों के लिए मेले का ज्यादा आकर्षण महापुरुषों की जीवनी और अंग्रेजी उपन्यास को लेकर रहा। नरेंद्र मोदी, अब्दुल कलाम, आइंस्टीन, नेल्सन मंडेला, बिल गेट्स, गांधी, नेहरू जैसे महापुरुषों की जीवनियां बच्चों को खूब भाईं। पीएम पब्लिकेशन के स्टाल संचालक विश्वजीत ने बताया बच्चों तक ये जीवनी पहुंचे, इसके लिए उनका प्रकाशन 75 टाइटिल किताबों को महज 40 रुपये में बेच रहा है।
उन्होंने बताया कि तीन दिन में सभी टाइटिल की 60 फीसदी किताबें बिक चुकी हैं। पद्म बुक कंपनी के संजय कुमार ने बताया कि कहानी और कोर्स की किताबों की भी काफी डिमांड है। इसे देखते हुए कंपनी 50 से ज्यादा टाइटिल किताबें 20 रुपये में बेच रहा है। बच्चों में शिडनी शेल्डन, स्टेफन किंग, जॉन ग्रेशम, डेनियल स्टीव के उपन्यास का चार्म है। इनके उपन्यास बच्चे खूब खरीद रहे हैं। तिरुमाला सॉफ्टवेयर पर डिजिटल किताबों के स्टाल पर भी काफी भीड़ रही। स्टाल पर बजता ‘लकड़ी की काठी, काठी का घोड़ा’ गीत बच्चों को बरबस ही अपनी ओर खींच रहा था। स्टाल के संयोजक प्रदीप और सचिन ने बताया कि ग्रामर, स्पोकेन इंग्लिश और प्रतियोगी परीक्षाओं की डिजिटल किताबें बच्चों को आकर्षित कर रही हैं।
खुद की लिखी किताबें बेच रहे पं. शैलेंद्र
मेले में खुद की लिखी दो दर्जन से अधिक किताबों को बेच रहे पं. शैलेंद्र नारायण चौधरी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। अध्यात्म, कविता, चुटकुला, चिकित्सा, उपन्यास जैसे लेखन की हर विधा पर किताब लिख चुके पं. शैलेंद्र की अपने स्टाल पर बुलाने की शैली भी लोगों को लुभा रही है। वह बताते हैं कि उन्होंने रचनाकर्म की हर चुनौती को स्वीकारा है। यहां तक कि नृत्य नाटिका जैसी जटिल विधा को भी लेखन का हिस्सा बनाया है।