100 संदिग्ध शिक्षकों का वेतन और बोनस रोका
गोरखपुर। फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज के सहारे परिषदीय विद्यालयों में नौकरी हासिल करने के आरोपी 100 से अधिक शिक्षकों का वेतन और बोनस बेसिक शिक्षा विभाग ने रोक दिया है। इन सभी शिक्षकों के सत्यापन की प्रक्रिया विभाग में चल रही है। बार-बार सत्यापन के लिए बुलाए जाने के बाद भी ये शिक्षक विभाग में सत्यापन को उपस्थित नहीं हो रहे हैं। इसके बाद से विभाग ने कार्रवाई की है। विभागीय सूत्रों की मानें तो आरोपी शिक्षकों में से 50 फीसदी से अधिक ने किसी और के प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी हासिल की है।
सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी के नाम सामने आने की उम्मीद है। एसटीएफ की छापे की कार्रवाई के बाद से बेसिक शिक्षा विभाग में दूसरे के प्रमाणपत्रों पर नौकरी करने वाले शिक्षकों की शिकायतों में जबरदस्त बढ़ोत्तरी हुई है। बेसिक विभाग ने 37 शिक्षकों को बर्खास्त करने के साथ ही 50 से अधिक शिक्षकों को रडार पर लिया है। इन मामलों की जांच के साथ ही कई शिक्षकों की शिकायतें पिछले तीन महीने में ही बेसिक विभाग को मिलीं हैं। धीरे-धीरे ये आंकड़ा सौ के पार हो गया है। विभाग ने इन्हें नोटिस जारी कर सत्यापन को बुलाया तो जो सत्यापन को नहीं पहुंचे। विभाग ने इन्हें संदिग्ध मानते हुए उनका वेतन रोक दिया है।
करोड़ों रुपये की बकाया है वेतन रिकवरी
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से अब तक बर्खास्त किए गए शिक्षकों के ऊपर करोड़ों रुपये वेतन के मद में बकाया हैं। कभी मुकदमा दर्ज न होने तो कभी किसी न किसी कारण अब तक शिक्षकों से वेतन रिकवरी की कार्रवाई शुरू नहीं सकी है।
दूसरे के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी हासिल करने के आरोपी शिक्षकों का वेतन और बोनस रोक दिया गया है। सत्यता प्रमाणित होने के बाद पूरे वेतन और बोनस का भुगतान सुनिश्चित कराया जाएगा।
- बीएन सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी