नीलामी के लिए खड़ी बोगी जली
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। नीलामी के लिए ला कर रखी गई ट्रेन की एक बोगी में शुक्रवार को आग लग गई। नंदानगर में खड़ी बोगियों में आग लगने से हर तरफ अफरा-तफरी मच गई। क्षेत्रीय लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना मिलने के बाद एयरफोर्स की फायर ब्रिगेड की टीम ने इस पर काबू पाया। इस दौरान एक बोगी पूरी तरह से जल गई जबकि दूसरी बोगी में लगी आग बुझा दी गई। हालांकि, बाद में जिला पुलिस की फायर ब्रिगेड की टीम भी वहां पहुंची लेकिन तब तक आग पर काबू पाया जा चुका था। घटना के बाद रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और छानबीन में जुट गए। इससे रेलवे को करोड़ों रुपये का नुकसान बताया जा रहा है। बाद में ट्रैक्टर से खींचकर जली बोगी को अलग किया गया।
साजिशन तो नहीं लगाई गई बोगी
कुछ दिन पहले ही कंडम बोगियों की नीलामी को अंतिम रूप दिया गया था जबकि ये बोगियां यहां काफ ी दिनों से खड़ी थीं। लंबे अरसे से खड़ी होने के बावजूद कोई दुर्घटना नहीं हुई लेकिन जैसे ही नीलामी फाइनल हुई, इनमें से एक बोगी में आग लग गई। आश्चर्यजनक बात यह है कि आग भी सिर्फ उसी बोगी में लगी, जिसकी स्थिति सबसे अच्छी थी। इसी बोगी की कीमत सबसे ज्यादा लगाई गई थी। कई ठेकेदार इसे लेने की जुगत में लगे थे। इसके लिए ठेकेदारों में ठनाठनी भी चल रही थी। लोगों का कहना था कि बोगी में आग किसी हादसे में नहीं लगी बल्कि लगाई गई थी। इसकी वजह ठेकेदारों की आपस में प्रतिद्वंद्विता है।
इनसेट
स्मैकिए करते थे नशा
बोगियां पूरी तरह कंडम हो चुकी थीं। इन्हें नीलामी के लिए रखा गया था। इन बोगियों में अक्सर स्मैकिए नशा करते थे। रेल संपत्ति के रखरखाव की जिम्मेदारी आरपीएफ की होती है। बहरहाल, रेल प्रशासन ने टीम गठित कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
कोट
जिस बोगी में आग लगी थी, वह कंडम घोषित कर दी गई थी। इन बोगियों को नीलामी के लिए रखा गया था। जानकारी होते ही रेल अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के बाद ही घटना की वजह मालूम हो पाएगी।
-संजय यादव, सीपीआरओ, एनई रेलवे।