बीजेपी की जीत पर जश्न मानते पार्टी कार्यकर्ता।
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जिले की नौ विधानसभा सीटों में से आठ पर भारतीय जनता पार्टी ने कब्जा कर लिया, जबकि एक सीट जीतने में बसपा कामयाब रही। समाजवादी पार्टी का तो जिले से पूरी तरह से सफाया हो गया। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को तीन सीटें मिली थीं, जबकि बसपा को सर्वाधिक चार, सपा और एनसीपी को एक-एक सीट से संतोष करना पड़ा था। चुनाव मैदान में उतरे 127 प्रत्याशियों में से 102 की जमानत जब्त हो गई। कुल पड़े मतों में से एक बंटा छह प्रतिशत वोट न पाने से जिनकी जमानत जब्त हुई, उनमें ग्रामीण विधानसभा से बसपा के राजेश पांडेय, शहर से बसपा के जनार्दन चौधरी और निर्दल प्रत्याशी पूर्व मंत्री पप्पू जायसवाल की पत्नी अनीता जायसवाल शामिल हैं।
शनिवार को मतगणना की शुरूआत बैलेट वाले मतों से हुई। इन मतों की गणना के साथ ही भाजपा प्रत्याशियों ने बढ़त बनानी शुरू कर दी। जब ईवीएम खुलने लगी तो कमोवेश यही स्थिति तब भी कायम रही। तीन विधानसभाओं में शुरुआती रुझान से ही मुकाबला कड़ा होने लगा, लेकिन छह विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा प्रत्याशी पहले चक्र की गणना से ही लीड लेने लगे। 11 बजे तक छह विधानसभाओं शहर, कैंपियरगंज, चौरीचौरा, बांसगांव, खजनी और सहजनवां की स्थिति साफ हो गई कि ये सीटें भाजपा के खाते में जाएंगी, जबकि ग्रामीण, पिपराइच और चिल्लूपार में मुकाबला काटे का होने लगा।
ग्रामीण विधानसभा में महंत आदित्यनाथ की प्रतिष्ठा दांव पर थी। वहां से पिछले चुनाव में भाजपा के टिकट पर जीते विजय बहादुर यादव ने इस बार सपा का दामन थाम लिया था। मतगणना के दौरान जब कोई प्रत्याशी आगे होता तो उसके खेमे में खुशी की लहर दौड़ पड़ती थी और विपक्षी मायूस होने लगते थे। एक बार सपा प्रत्याशी पांच हजार मतों से आगे हो गए तो ऐसा लगने लगा कि अब यह सीट सपा के खाते में चली जाएगी, लेकिन अंतिम चरण में भाजपा प्रत्याशी ने बढ़त को कवर करते हुए चार हजार से अधिक वोटों की लीड लेकर जीत हासिल कर ली।
चिल्लूपार में भाजपा प्रत्याशी राजेश त्रिपाठी और बसपा प्रत्याशी के बीच का मुकाबला काफी नजदीकी रहा। यहां कभी भाजपा तो कभी बसपा आगे-पीछे होती रही। अंतिम दौर में बसपा प्रत्याशी विनय शंकर ने तीन हजार से अधिक वोटों से जीत दर्ज कर ली। पिपराइच विधानसभा में सपा-बसपा-भाजपा के बीच कांटे की लड़ाई काफी देर तक चलती रही। अंत में भाजपा और बसपा प्रत्याशी के बीच ही मुकाबला सिमट गया। अंतिम दौर के कुछ चरणों में भाजपा प्रत्याशी ने जबरदस्त बढ़त हासिल कर करीब 13 हजार मतों से चुनाव जीत लिया। ग्रामीण और पिपराइच पर सबकी निगाहें लगी थीं। जैसे ही दोनों प्रत्याशियों ने निर्णायक बढ़त बनाई, गोरखनाथ मंदिर में भी अबीर गुलाल उड़ने लगे।