भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को बसपा और सपा पर सीधा हमला बोला। कहा कि मायावती ने कितना भ्रष्टाचार किया है, यह किसी से छिपा नहीं है। सपा सरकार में चारों तरफ भ्रष्टाचार का बोलबाला है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने पर मायावती हों या मुलायम सिंह के कुनबे के लोग, कोई भी बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि भाजपा को सत्ता से बाहर हुए 14 साल हो गए। यह बनवास अब खत्म होना चाहिए। इसके लिए हर कार्यकर्ता को अपना बूथ जीतना होगा। कार्यकर्ता हमारे बजरंग बली हैं उनको, उनकी ताकत का एहसास कराना पड़ता है।
मौर्य रविवार को गोरखपुर के नेपाल क्लब में अभिनंदन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सपा-बसपा का इतिहास किसी से छिपा नहीं है। 2007 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान मुलायम सिंह की सरकार में अराजकता बहुत थी। मायावती ने नारा दिया, चढ़ गुड्डों की छाती पर-बटन दबाओ हाथी पर लेकिन जब प्रदेश में बसपा की सरकार बनी और वो मुख्यमंत्री तो ‘गुंडे चढ़ गए हाथी पर और गोली मारने लगे छाती पर। बसपा के बाद आई सपा की सरकार हर मोर्चें पर विफल है। यह गांव, गरीब, किसान, मजदूर, मां और बहनों की विरोधी सरकार है। इसमें कोई सुरक्षित नहीं है।
उन्होंने कहा कि सपा-बसपा जातिवाद, अगड़े-पिछड़े की राजनीति करती है, जबकि भाजपा राष्ट्रवाद और विकासवाद की। सपा और बसपा दोनों ने प्रदेश को लूटने का कार्य किया है। दोनों पार्टियां लोकतंत्र के नाम पर धोखा हैं। उन्होंने कहा कि जब तक प्रदेश में भाजपा की सरकार नहीं बनेगी, तब तक यहां के लोगों का भला नहीं होगा। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने अंबेडकर के नाम पर सियासत करने पर मायावती को घेरा और कहा कि अंबेडकर को भारतरत्न अटल जी के शासन काल में मिला। मोदी के शासन काल में अंबेडकर से जुड़े स्थानों पर स्मारक बनाने का कार्य हो रहा है।
केशव ने कहा कि जब उन्हें प्रदेश की कमान सौंपी गई तो आश्चर्य हुआ। सच यह है कि भाजपा में सच्चा लोकतंत्र है। यदि उसका बूथ स्तर का कार्यकर्ता है तो उसे संगठन से लेकर सरकार तक में जिम्मेदारी दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि वह कार्यकर्ताओं के सम्मान के लिए समर्पित हैं। वह कार्यकर्ताओं के सम्मान से समझौता नहीं कर सकते। इस अवसर पर महंत आदित्यनाथ ने कहा कि यदि कार्यकर्ताओं को टिकट दिया गया तो आने वाले चुनाव में भाजपा को कोई रोक नहीं पाएगा। समारोह में शिवप्रताप शुक्ल, उपेंद्र दत्त शुक्ल आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने गोरखनाथ मंदिर में टेका मत्था
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य नेपाल क्लब में अपने अभिनंदन के बाद सीधे गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। वहां गुरु गोरक्षनाथ का दर्शन-पूजन करने के बाद वह ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर गए। वहां पुष्प अर्पित करने के बाद शीश नवाया।
दर्शन-पूजन के बाद प्रदेश अध्यक्ष मंदिर में गोरक्ष पीठाधीश्वर के साथ थोड़ी देर रहे। वहां से वह सीधे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यालय माधव धाम पहुंचे, जहां संघ के प्रांत प्रचारक और अन्य स्वयं सेवकों से मुलाकात की। वहां से वह बेनीगंज स्थित पार्टी के कार्यालय पहुंचे।
वहां जिले व महानगर के प्रमुख नेताओं से मुलाकात की और उनसे परिचय प्राप्त किया। थोड़ा समय कार्यकर्ताओं के साथ बिताने के बाद वह कचहरी बस स्टेशन स्थित विश्व हिंदू परिषद के कार्यालय पहुंचे। वहां से वह लखनऊ रवाना हो गए। मंदिर में प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत करने वालों मेें रवि श्रीवास्तव, सत्येंद्र सिन्हा, जर्नादन तिवारी, मारकंडेय राय, राधवेंद्र सिंह, सुनील सिंह, रामलक्ष्मण, अमित पांडेय, आदित्य गुप्ता, दिवाकर मणि सहित आदि शामिल थे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का हुआ जोरदार स्वागत
भारतीय जनता पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार गोरखपुर आगमन पर केशव प्रसाद मौर्य का भाजपा कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह स्वागत किया। जनपद की सीमा सीहापार हाल्ट से लेकर नेपाल क्लब तक उनके स्वागत की होड़ मची थी।
रविवार को दिन में प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य संतकबीरनगर से गोरखपुर के लिए चले तो सीहापार हाल्ट पर कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। जिले की सीमा में प्रवेश करते ही गगनभेदी नारों के साथ उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया गया। वहां से उनका काफिला आगे बढ़ा तो सहजनवां में स्वागत किया गया। नौसड़ में बड़ी संख्या में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने गगनभेदी नारों के साथ उनका स्वागत किया। इसके बाद पैडलेगंज, विश्वविद्यालय गेट पर उनका स्वागत हुआ। जब वह नेपाल क्लब पहुंचे तो वहां भी स्वागत करने वालों की होड़ लगी रही।
उनका स्वागत करने वालों में सांसद महंत आदित्यनाथ, शरद त्रिपाठी, कमलेश पासवान, एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक रधामोहन दास अग्रवाल, जन्मेजय सिंह, गंगा सिंह कुशवाहा, पूर्व सांसद श्रीप्रकाश मणि, समीर सिंह जयप्रकाश निषाद, कामेश्वर सिंह, भानुप्रताप सिंह, सत्या पांडेय, अंजू चौधरी, गीतांजलि मौर्या, वंदना गुप्ता, रामजियावन मौर्य, जयप्रकाश शाही, देवेंद्र यादव, शीतल पांडेय, रणजीत राय बड़े, चिरंजीव चौरसिया, पुष्पदंत जैन, महंत सिंह, मारकंडेय राय, राजीव रंजन अग्रवाल, अमिता गुप्ता, ओमप्रकाश शर्मा, मायाशंकर शुक्ला, जटाशंकर, अजीत सिंह, रमेश प्रताप गुप्ता, मनु जायसवाल, विशाल सोनकर आदि शामिल थे।