भाजपा जिलाध्यक्ष बद्री प्रसाद यादव।
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बद्रीप्रसाद के सहारे भाजपा ने लगाया ‘पिछड़ा’ दांव
एक महीने के मंथन के बाद निर्विवाद कार्यकर्ता को दी तरजीह
वीरेंद्र यादव
संतकबीरनगर। नामांकन के एक माह बाद भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने आखिरकार जिले का अध्यक्ष घोषित कर दिया। काफी मंथन में बाद स्वच्छ छवि और जमीन से जुड़े कार्यकर्ता को तरजीह देते हुए बद्रीप्रसाद यादव (62) को जिले की कमान सौंपी। इस निर्णय के सहारे भाजपा नेतृत्व दो दाव चले। पहला कार्यकर्ता को सम्मान। दूसरा जिले में रहने वाले करीब 22 फीसदी पिछड़े वर्ग के लोगोें को पार्टी से पूरी तरह से जोड़ा जाए।
भाजपा के संगठनात्मक चुनाव को लेकर पिछले महीने में मंडल अध्यक्षों व जिला प्रतिनिधियों की घोषणा की थी। इसके बाद 22 नवंबर को भाजपा के जिलाध्यक्ष पद के लिए चुनाव अधिकारी दिलीप पटेल की देखरेख में नामांकन दाखिल कराया गया। कुल 33 लोगों ने भाजपा जिलाध्यक्ष के लिए दावेदारी की थी। तीन नामांकन अवैध घोषित कर दिया गए।
नहीं बन सकी थी सर्वसम्मति
पहले चुनाव अधिकारी ने सर्व सम्मति बनाने का प्रयास किया, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिली। इसके बाद क्षेत्रीय कार्यालय के जरिए सूची प्रदेश नेतृत्व को भेज दी। आपसी खींचतान के चलते प्रदेश नेतृत्व निर्णय लेने में विलंब लगा। ऐसे में गोरक्षप्रांत के 13 जिलों में से 12 जिलों के जिलाध्यक्षों की घोषणा काफी पहले हो चुकी है। इससे कार्यकर्ताओं में ऊहापोह की स्थिति बन गई थी और कार्यक्रमों पर भी इसका असर पड़ रहा था। भाजपा जिलाध्यक्ष की रेस में गुटबाजी से दूर रहने एवं पिछड़े वर्ग का होने का लाभ बद्री प्रसाद यादव को मिला है। जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं के रूप में उनकी पहचान है। ऐसे में उनके नाम पर किसी को एतराज भी नहीं है। नव नियुक्त भाजपा जिलाध्यक्ष बद्री प्रसाद यादव ने कहा कि सभी को साथ लेकर भाजपा की नीतियों को आगे बढ़ाने के लिए काम करेंगे।