अभी तक सफेद रंग की चादर का हाेता था इस्तेमाल।
सरकारी अस्पतालों में दिन के हिसाब से चादर का रंग तय कर दिया गया है। हर दिन चादर तथा तकिया का कवर न बदले जाने की शिकायतें बढ़ने के बाद यह निर्णय लिया गया है। शासन ने दिन के हिसाब से चादर का रंग निर्धारित करते हुए अस्पतालों में इसे लागू करने का आदेश दिया है। सोमवार को सफेद, मंगलवार को गुलाबी, बुधवार को हरा, बृहस्पतिवार को पीला, शुक्रवार को बैगनी या लवेंडर, शनिवार को नीला, रविवार को हल्का गुलाबी या हल्का भूरे रंग के चादर का इस्तेमाल होगा। हालांकि अभी तक चादरों की आपूर्ति नहीं हुई है।
माना जा रहा है कि चादर की खरीद निर्धारित रंगों के हिसाब से रेट कांट्रैक्ट के आधार पर की जाएगी। सरकारी अस्पतालों में अभी तक हरे बार्डर की सफेद चादर इस्तेमाल की जा रही है। अधिकारियों द्वारा अस्पतालों के निरीक्षण के दौरान अक्सर मरीज व उनके परिजन यह शिकायत करते थे कि चादर कई दिनों से नहीं बदली गई है। इसको देखते हुए अलग-अलग रंग की चादर बिछाने का निर्णय लिया गया है।
नई व्यवस्था के तहत अस्पताल में दिन के अनुसार निर्धारित रंग की चादर व तकिए का कवर उपलब्ध कराया जाएगा। अभी चादर की खरीदारी नहीं हुई है लेकिन जल्द ही इसे लागू कर दिया जाएगा।’
- डॉ. एसआर यादव, एसआईसी
शुरू हो गया लॉड्री का निर्माण
जिला अस्पताल में प्रयोग होने वाले कंबल, चादर व अन्य कपड़ों की धुलाई अब मैकेनाइज्ड लॉड्री में जल्द शुरू हो जाएगा। शासन द्वारा जिला अस्पताल प्रशासन से मकैनाइज्ड लांड्री के लिए प्रस्ताव मांगा गया था। प्रस्ताव तैयार करा कर भेजा गया जिसे शासन ने स्वीकृत कर दिया और इसका निर्माण न्यू बिल्डिंग के पीछे खाली भूमि पर शुरू हो गया है। मैकेनाइज्ड लांड्री का संचालन प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप पीपीपी के आधार पर होगा। शासन स्तर से ही इसका निर्णय हो चुका है। अभी अस्पताल में प्रयोग होने वाले वस्त्रों, चादर व कंबल की धुलाई पारंपरिक तरीके से की जाती है।