यूनिवर्सिटी गेट पर छात्र नेताओं द्वारा लगाया गया पोस्टर।
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लिंगदोह कमेटी के मानक पर चुनाव प्रचार को लेकर गोरखपुर यूनिवर्सिटी के चुनाव सेल ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। चुनाव अधिकारी संजय बैजल और सतीश चंद्र पांडेय ने सामूहिक रूप सेे सभी प्रत्याशियों को निर्देश दिया है कि यूनिवर्सिटी के आसपास लगे पोस्टर-बैनर को 24 घंटे के अंदर हटा लें, वरना उन्हें चुनाव लड़ने से वंचित करने की कार्रवाई के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
चुनाव की घोषणा के बाद रातों-रात यूनिवर्सिटी रोड प्रत्याशियों के पोस्टर-बैनर से पट गया। कई प्रत्याशियों ने तो यूनिवर्सिटी की दीवारों पर ही पोस्टर चिपका दिए हैं। लिंगदोह कमेटी के अनुसार यह आचार संहिता का उल्लंघन है और ऐसा किए जाने वाले प्रत्याशियों के खिलाफ कार्रवाई करना चुनाव सेल की बाध्यता है। ऐसे में आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव न लड़ने देने की कार्रवाई की जाएगी। प्रो. बैजल ने बताया कि चुनाव की तैयारियों को लेकर कुलपति और चीफ प्रॉक्टर की उपस्थिति में 11 सदस्यीय चुनाव कमेटी की बैठक सोमवार को दोपहर बाद हुई, जिसमें तैयारी के हर पहलू पर चर्चा हुई और चुनाव को सुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए रणनीति तैयार की गई। प्रो. बैजल ने बताया कि चुनाव की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है, प्रशासन का सहमति मिलते ही उसे जारी कर दिया जाएगा।
प्रशासन की सहमति का होता रहा इंतजार
छात्रसंघ चुनाव को लेकर प्रशासन की सहमति का इंतजार सोमवार को भी पूरे दिन हुआ लेकिन देर शाम तक सहमति की हरी झंडी यूनिवर्सिटी प्रशासन को नहीं मिल सकी। हालांकि इस दौरान यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से जिला प्रशासन के अधिकारियों से कई बार संपर्क साधने की कोशिश हुई लेकिन कोई ठोस जवाब उन्हें नहीं मिल सका। प्रशासन का सहमति पत्र हासिल न होने से यूनिवर्सिटी के चुनाव अधिकारी चुनाव कार्यक्रम के विस्तृत कार्यक्रम तैयार होने के बावजूद जारी करने में असमर्थ दिखे। इसे लेकर तमाम तरह की कयासबाजी भी परिसर में होती रही। कुछ लोग यह कहते भी नजर आए कि प्रशासन की मंशा चुनाव कराने की है ही नहीं, जिसके चलते वह सहमति देने से कतरा रहा है।