महिला हिंसा की घटनाओं पर विभा ने कहा कि वही लोग ऐसा करते हैं जिन्होंने अपने घरों में महिलाओं की कद्र होते नहीं देखी। शहरी क्षेत्र के मुकाबले में उन्होंने गांवों में महिला सशक्तीकरण की स्थिति खराब मानी, लेकिन दोनों जगहों पर महिला सशक्तीकरण के लिए शिक्षा और जागरूकता का मंत्र दिया।
अभिनय को नजदीक से जानने और समझने के लिए थियेटर का कोई जोड़ नहीं। थियेटर में छोटे पर्दे या बड़ी स्क्रीन से ज्यादा समर्पण की जरूरत होती है। थियेटर बहुत समय चाहता है। इसकी तुलना में इसमें धन काफी कम है।
धन की कमी के चलते लोग थियेटर से दूर होते जा रहे हैं। विभा जल्द ही बड़े पर्दे पर दिखेंगी। वह कहती हैं कि काम पर फोकस है। तीन साल पहले टीवी घर से हटा दिया था। सोशल मीडिया से दूर रहकर भी काम करना पसंद करती हूं।