जांच के दौरान गिरिजा त्रिपाठी की करीबी और संस्था में कार्य करने वाली प्रमिला ने कार्यालय में रखे अभिलेख के बारे में एसआईटी को जानकारी दी। एसआईटी को बेमेल शादी कराने और बर्तन आदि की खरीदारी में गोलमाल भी मिला है।
बालिका गृह से दो बच्चों की मौत से जुड़ी पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी मिली है। इसे विवेचना की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। इस दौरान मजिस्ट्रेट के रूप में एसडीएम सदर रामकेश यादव, समाज कल्याण अधिकारी दीनानाथ शुक्ल, एसआईटी के विवेचक बृजेश सिंह, सरिता नागवंशी, किरण मिश्रा, आशुतोष सिंह, अजय सिंह मौजूद रहे।
देवरिया। सामूहिक विवाह योजना में गिरिजा त्रिपाठी ने अंसारी रोड स्थित आशीष की दुकान से बर्तन खरीदे थे। एसआईटी ने उसे भी पूरे दिन साथ रखा और बालिका गृह से मिले बर्तन की पहचान कराई। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक मुहर भी एसआईटी ने कब्जे में ली हैं। इसमें कई दुकानदार और विभागों की मुहर शामिल है, जो जांच का अहम हिस्सा बनेंगे।
नहीं मिल रहा यौन उत्पीड़न के साक्ष्य
देवरिया। यौन उत्पीड़न और पाक्सो एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे को साबित करने के लिए एसआईटी साक्ष्य की तलाश कर रही है, लेकिन अभी कोई अहम साक्ष्य टीम के हाथ नहीं लगा है