आरपीएम ग्रीन सिटी में राज्य स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन करते मुख्य अतिथि जयंत नार्ली
क्षेत्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केंद्र और आरपीएम ग्रीन सिटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 27वीं राज्य स्तरीय राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन बुधवार को मुख्य अतिथि कमिश्नर जयंत नार्लीकर ने किया।
इस दौरान प्रदेश भर से जुटे 149 बाल विज्ञानियों ने अपने-अपने प्रजेंटेशन के माध्यम से श्रेष्ठ भारत की तस्वीर पेश की। ‘स्वच्छ, हरित और स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण के लिए विज्ञान और नवाचार’ थीम पर आधारित कार्यक्रम में अपने रिसर्च के माध्यम से भावी वैज्ञानिकों ने निर्णायकों को मुरीद बना लिया।
मुख्य अतिथि ने कहा कि वैज्ञानिक सोच को वास्तविक रूप में मंच पर लाने के लिए बाल विज्ञान कांग्रेस बेहतरीन माध्यम है। बच्चों के ‘क्यों’ में भी एक साइंस छिपा हुआ है। अक्सर अभिभावक इसको टाल जाते हैं। इससे बच्चों के मन में उठने वाले कई अहम सवालों के जवाब उन्हें नहीं मिल पाते हैं। बच्चों के व्यक्तिगत विकास में ये क्यों अहम है। इनके जवाबों से बच्चों में जागरूकता के साथ ही प्रोत्साहन भी मिलता है। ये सवाल बच्चे के साथ-साथ परिवार, समाज और देश के विकास में सहायक होते हैं।
189 बालिकाएं और 230 बालक प्रोजेक्ट प्रस्तुत करेंगे
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के निदेशक डॉ. वेद मिश्रा ने कहा कि वैज्ञानिक क्रिया विधि को समझना एवं उससे गुजरना समस्याओं का वैज्ञानिक समाधान प्रस्तुत करता है। वैज्ञानिक सोच को आगे बढ़ाता है। आज जरूरत है कि आधुनिक तकनीकों को अपनाकर विकसित भारत का सपना पूरा करें।
राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के एकेडमिक कोऑर्डिनेटर दीपक शर्मा ने बताया कि 189 बालिकाएं और 230 बालक अपने-अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत करेंगे। इसके लिए राज्य आयोजन समिति की ओर से 40 निर्णायकों की टीम वैज्ञानिक बीके त्यागी के नेतृत्व में बनाई गई है।
आरपीएम स्कूल के चेयरमैन अजय शाही ने अतिथियों का स्वागत किया। कहा कि पूर्वांचल के विद्यार्थियों में अपार मेधा है। समय समय पर यहां के मेधावियों ने प्रतिभा का लोहा पूरे प्रदेश में मनवाया है। इस सम्मेलन के माध्यम से बच्चों के अंदर छिपी वैज्ञानिक प्रतिभा को निखारने का अवसर मिलेगा। संचालन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के विवेक सुदर्शन ने किया।
इस मौके पर बाल विज्ञान के नोडल अधिकारी सुरेश चंद्र शर्मा, क्षेत्रीय वैज्ञानिक अधिकारी महादेव पांडेय, डॉ. देवेंद्र शाह, संयुक्त निदेशक राजेश गंगवार, आरपीएम स्कूल की प्रधानाचार्य आराधना शाही आदि मौजूद रहीं।
सूर्य के धब्बे ने जगाया कौतुहल
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद की ओर से विद्यार्थियों के अंदर वैज्ञानिक प्रतिभा विकसित करने के नजरिए से आकाश दर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत दिन और रात में अलग अलग टेलीस्कोप लगाकर विद्यार्थियों को सूर्य के धब्बे, रात में चंद्रमा की स्थिति और ग्रह नक्षत्रों के बारे में जानकारी दी गई। आकर्षण का मुख्य केंद्र वहां लगाई गई साइंस बस रही। इसमें लगे 32 तरह के उपकरणों ने विद्यार्थियों की हर जिज्ञासा को बखूबी शांत किया।
6 दिसंबर को होगा समापन
इस मौके पर राज्य आयोजन समिति की ओर से विभिन्न स्टॉल आरपीएम एकेडमी ग्रीन सिटी में लगाए गए थे। ये सभी स्टॉल बच्चों के अंदर से अंधविश्वास को दूर करने के साथ-साथ विज्ञान के चमत्कारों को प्रदर्शित कर रहे थे। तीन दिवसीय बाल विज्ञान कांग्रेस का समापन छह दिसंबर को होगा। इस प्रतियोगिता में पूरे प्रदेश से 316 बाल विज्ञानी, 150 शिक्षक/ संचारक समेत वैज्ञानिक गणों के साथ 700 लोग शामिल होंगे।