गरीबों को निशुल्क इलाज उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ओर से आयुष्मान योजना शुरू की गई। इसकी जमीनी हकीकत क्या है इसे जानने के लिए ‘अमर उजाला’ अभियान शुरू कर रहा है। इसके तहत श्रृंखलाबद्ध तरीके से खबरें प्रकाशित की जाएंगी। योजना के लाभ तभी मिल सकेगा जब अर्ह व्यक्ति के पास गोल्डन कार्ड हो। लेकिन 2011 की आर्थिक, सामाजिक और जातीय जनगणना के हिसाब से जो सूची बनी है, उन्हें भी गोल्डन कार्ड नहीं दिया जा सका है। स्वास्थ्य विभाग ने अब अभियान चलाकर कार्ड बनाने का फैसला किया है। यह कितना कारगर होगा वह तो समय बताएगा लेकिन अभी स्थिति ठीक नहीं है।
आयुष्मान योजना: एक साल में मात्र 44 फीसदी लोगों के बने कार्ड
इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने के बाद कई लोगों को होती है लाभार्थी होने की जानकारी
नंबर गेम
2.99 लाख लाभार्थी हैं कुल जिले में
1.33 लाख के ही एक साल में बन सके गोल्डन कार्ड
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। सामाजिक-आर्थिक जातीय जनगणना के आधार पर जिले के 2.99 लाख परिवार आयुष्मान योजना के लिए चुने गए हैं। इनमें 2.53 लाख ग्रामीण क्षेत्र और 46,324 लाभार्थी परिवार शहरी क्षेत्र के हैं। लेकिन 23 सितंबर 2018 को शुरू हुई इस योजना के तहत वर्तमान में 1.33 लाख परिवारों को गोल्डन कार्ड जारी किए जा सके हैं यानी 44.48 फीसदी। जिम्मेदार इसका कारण लाभार्थियों को योजना की जानकारी नहीं होना या फिर कार्ड बनवाने में लापरवाही बरतना बता रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों के अनुसार आयुष्मान योजना के लाभार्थियों का चयन सामाजिक-आर्थिक जातीय जनगणना के आधार पर किया गया है। लंबे समय तक लाभार्थियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए। अधिकतर चयनित लाभार्थियों को इसकी जानकारी ही नहीं थी कि उनके परिवार का नाम इस योजना में शामिल कर लिया गया है। कई बार ऐसा होता है कि लोग इलाज के लिए अस्पताल पहुंचते हैं। फीडिंग के दौरान पता चलता है कि वह आयुष्मान योजना के लाभार्थी हैं, तब उनका कार्ड बनता है। कुछ लाभार्थियों के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से जारी पत्र पहुंचा था, फिर उनका कार्ड बना दिया। अब बचे लाभार्थियों को पत्र या फिर किसी अन्य प्रकार से जानकारी नहीं दी जा रही है।
यहां बता सकते हैं योजना का हाल
आयुष्मान योजना से जुड़ी कोई भी सूचना ई मेल आईडी gkp-cityreporter@gkp.amarujala.com या फिर मोबाइल नंबर 7617566160 पर दी जा सकती हैं।
कोट:::
गोल्डन कार्ड बनाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। प्रतिदिन औसतन डेढ़ हजार गोल्डन कार्ड बन रहे हैं। 30 सितंबर तक 2 लाख और वर्ष के अंत तक जिले के सभी 2.99 लाख लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड जारी करने का प्रयास है। आयुष्मान योजना के लाभार्थियों की सूची वार्डवार उपलब्ध करा दी गई है। सभी वार्ड में यह सूची चस्पा करवाई गई है ताकि चयनित लोगों को जानकारी हो सके और वह गोल्डन कार्ड बनवाकर सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उठा सकें।
- डा. एनके पांडेय, नोडल अधिकारी आयुष्मान योजना व अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी