प्रदेश सरकार ने गोरखपुर के बर्डघाट स्थित रामलीला मैदान सहित 10 जिलों के प्राचीन मैदान को संरक्षित करने का फैसला किया है। इन सभी मैदानों के प्रवेश द्वार को अध्यात्म से जोड़ने के लिए इन्हें अयोध्या, चित्रकूट, मिथिला, जनकपुरी और पंचवटी के नाम दिए जाएंगे।
सरकार ने इस काम के लिए हर जिले में एक कमेटी बनाई है। डीएम की अध्यक्षता में बनी कमेटी में एडीएम, एसडीएम के अलावा पर्यटन अधिकारी और संस्कृति विभाग के एक अफसर को भी रखा गया है। कमेटी को जल्द से जल्द रिपोर्ट बना कर भेजने को कहा गया है। चुने गए रामलीला मैदानों में मंच, बाउंड्री, चेंजिंग रूम, पेयजल, टॉयलेट ब्लॉक सरीखी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। बाउंड्री के दोनों ओर रामायण के प्रसंग से जुड़ी कहानियां उकेरी जाएंगी। इसका खाका तैयार करने में पर्यटन विभाग जुटा है।
इन शहरों के रामलीला मैदान होंगे संरक्षित
गोरखपुर, लखनऊ, बरेली, वाराणसी, चित्रकूट, अयोध्या, प्रयागराज, फिरोजाबाद, आगरा और सहारनपुर।
ये सुविधाएं होंगी
- छह से आठ फीट ऊंची बाउंड्री बनेगी।
- बाउंड्री समेत पूरे परिसर में राम चरित्र के म्यूरल बनेंगे
- प्रवेश द्वार का नामकरण अयोध्या, चित्रकूट और मिथिला के नाम पर होगा
- कलाकारों के लिए ग्रीन रूम, स्टोर, टॉयलेट ब्लॉक, पेयजल
- विद्युत आपूर्ति, ट्रांसफार्मर, हाईमास्ट, लाइट