फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

असहनीय दर्द से मिली निजात, वीर बहादुर ‘आयुष्मान’ हुआ

विज्ञापन
अस्पताल से छुट्टी के बाद मां दुर्गाती के साथ वीर बहादुर
विज्ञापन
आयुष्मान भारत योजना: असहनीय दर्द से मिली निजात, वीर बहादुर ‘आयुष्मान’ हुआ
विज्ञापन

गोरखपुर। गरीबी के कारण दो वर्ष तक गुर्दों में पथरी का ऑपरेशन कराने में असमर्थ दस वर्षीय वीर बहादुर के माता-पिता के लिए आयुष्मान भारत योजना वरदान साबित हुई। निजी अस्पताल में जांच कराने के दौरान परिवार वालों को जानकारी हुई कि वे आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी हैं। गोल्डन कार्ड बनवाने के बाद वीर बहादुर की दो बार सर्जरी कर दोनों गुर्दों से पथरी निकाली गई। मां दुर्गाती देवी कहती हैं कि योजना की वजह से बेटे को असहनीय पीड़ा से निजात मिली।
रियाय गांव गगहा निवासी त्रिलोकी प्रसाद के बेटा वीर बहादुर दो साल से दर्द से जूझ रहा था। चिकित्सकों ने गुर्दों में पथरी बताते हुए ऑपरेशन की सलाह दी थी। करीब डेढ़ लाख रुपये का खर्च गरीबी में मुमकिन नहीं था। पिता त्रिलोकी प्रसाद और मां दुर्गाती बेटे को दर्द में तड़पते हुए देखने को मजबूर थे। सितंबर 2018 में आयुष्मान भारत योजना लागू हुई और उनका परिवार इसमें आच्छादित हो गया। बावजूद इसके उन्हें इसकी जानकारी नहीं हुई। जुलाई 2019 में वीर बहादुर की तकलीफ हद से ज्यादा बढ़ी तो परिवार वाले उसे लेकर बड़हलगंज स्थित दुर्गावती हॉस्पिटल पहुंचे। यहां मौजूद आरोग्य मित्र स्नेहिल शर्मा ने परिवार वालों को योजना की जानकारी दी और गोल्डन कार्ड बनाकर दिया। डॉ. मनोज यादव ने ऑपरेशन कर एक गुर्दे की पथरी निकाल दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

16 जुलाई को वीर बहादुर को छुट्टी मिली, कुछ दिन बाद ही पिता त्रिलोकी प्रसाद का साया उसके सिर से उठ गया। इस दौरान वीर बहादुर को फिर तकलीफ हुई। दुर्गाती को लगा कि अब मुफ्त इलाज नहीं होगा। आरोग्य मित्र स्नेहिल शर्मा ने बताया कि एक परिवार के लिए प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा है इसलिए बिना खर्च दूसरी सर्जरी भी होगी। 30 सितंबर को उसे फिर भर्ती कर ऑपरेशन किया गया। वीर बहादुर अब पूर्णतया स्वस्थ है। मां दुर्गाती देवी ने बेटे की जिंदगी बचाने वाली आयुष्मान भारत योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में अभी तक 11 हजार लोगों का इलाज किया गया। योजना का लाभ प्रत्येक लाभार्थी को मिल सके इसके लिए सौ फीसदी गोल्डन कार्ड बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें