किसका नाम हो सकता है शामिल
जिन लोगों का गोल्डन कार्ड बना हुआ है वह परिवार के छूटे हुए सदस्यों का नाम भी शामिल करा सकते हैं। इसके लिए लाभार्थी को परिवार के अन्य सदस्यों से अपना रिश्ता प्रमाणित करना होगा। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र में राशन कार्ड और कुटुंब रजिस्टर की प्रति की आवश्यकता होगी जबकि शहरी क्षेत्र में राशन कार्ड की प्रति। राशन कार्ड में जिन सदस्यों के नाम होंगे उन्हें ही योजना का लाभ दिया जाएगा। योजना के तहत प्रति परिवार प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज की सुविधा हासिल कर सकता है। महिला के गोल्डन कार्ड पर उसके शिशु को मुफ्त इलाज मिलेगा।
गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए लाएं यह दस्तावेज
एसीएमओ डा. नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना का गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए लाभार्थी को मूल राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और मूल आधार कार्ड अनिवार्य रूप से लाना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी की ओर से जारी मूल पत्र पर भी गोल्डन कार्ड बन जाएगा।
नाम पता हो गलत तो आवेदन करें
यदि गोल्डन कार्ड में आपका या आपके परिवार के सदस्यों के नाम, पता, आयु, लिंग आदि में किसी प्रकार की त्रृटि हो तो जिला अस्पताल में आवेदन कर दुरुस्त कराया जा सकता है। एसीएमओ डा. नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि यदि छोटी मोटी त्रुटि होती है तो उसे जिला स्तर पर ही सुधार दिया जाता है। गंभीर त्रृटि को सही कराने के लिए रिपोर्ट बनाकर सरकार को प्रेषित की जाती है, यह थोड़ी लंबी प्रक्रिया है लेकिन लाभार्थी या उसके परिवार को इलाज मिलता है। उन्होंने बताया कि जिले मेें 98 फीसदी गोल्डन कार्ड आधार से लिंक कर दिए गए हैं, इसका अर्थ है कि इन कार्ड में किसी भी प्रकार की त्रुटि नहीं है।
सूची में नहीं है नाम तो नहीं बनेगा गोल्डन कार्ड
एसीएमओ डा. नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत 2.99 लाख लाभार्थियों का नाम शामिल है। यह सूची सरकार की ओर से सामाजिक आर्थिक जातीय जनगणना के आधार पर तैयार की गई है। जिन लोगों के नाम इस सूची में नहीं हैं उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।