फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर उमड़े युवा

Mon, 16 Nov 2015 02:31 AM IST
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
उनके चेहरे पर अब तक की तालीम से हासिल हुए आत्मविश्वास की दमक थी तो आंखों में बेहतर भविष्य के सपने की चमक। रविवार की छुट्टी के बावजूद कदम कॉलेज की ओर बढ़ रहे थे। समय के साथ लय मिलाते हुए ठीक वक्त पर परिसर में दाखिल हुए और अनुशासित माहौल का हिस्सा बनकर उस इम्तहान में शामिल हुए, जिसे पास करके वे वजीफे के हकदार बन सकते हैं।
विज्ञापन

यह नजारा था अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा का, जिसमें गोरखपुर और बस्ती मंडल के तीन जिलों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर करीब दो हजार विद्यार्थी शामिल हुए।
गोरखपुर में परीक्षार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण दो पालियों में परीक्षा कराई गई। महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज, जंगल धूषण में पहली पाली में कक्षा 9 व 10 तथा दूसरी पाली में कक्षा 11 व 12 के विद्यार्थियों की परीक्षा हुई। पहली पाली में 827 अभ्यर्थी नामांकित थे और 425 विद्यार्थी शामिल हुए। जबकि दूसरी पाली में 1438 नामांकित अभ्यर्थियों में से 620 ने परीक्षा दी।
विज्ञापन

बस्ती में उर्मिला एजुकेशनल एकेडमी में बने परीक्षा केंद्र पर 827 अभ्यर्थी नामांकित थे और 482 परीक्षा में शामिल हुए। देवरिया में एसएसबीएल इंटर कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया था, जिस पर 524 नामांकित अभ्यर्थियों में से 284 ने परीक्षा दी।

सात दृष्टिबाधित छात्र भी शामिल हुए
गोरखपुर। अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा में रविवार को सात दृष्टिबाधित अभ्यर्थी भी शामिल हुए। इनके लिए अपने से एक क्लास जूनियर छात्र को हेल्पर बतौर साथ लाने की छूट दी गई थी। केंद्र प्रभारी की तरफ से ऐसे अभ्यर्थियों के लिए खास इंतजाम कराए गए थे।

विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ती है
अमर उजाला फाउंडेशन की यह सराहनीय कोशिश है। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ती है। आगे बढ़ने के अवसर मिलते हैं और आत्मविश्वास में बढ़ोत्तरी होती है। विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी खुद को तैयार कर लेते हैं।  
डॉ प्रदीप राव, केंद्र व्यवस्थापक, एमएपी पीजी कॉलेज, जंगल धूषण

इनकी विशेष भूमिका रही
परीक्षा कराने में सहायक केंद्र अध्यक्ष सुबोध कुमार मिश्र, विनय कुमार सिंह, विद्यालय के शिक्षक नंदन शर्मा, डॉ राजेश शुक्ल, वागीश राज पांडेय, डॉ उपेंद्र गुप्त, श्रीकांत मणि त्रिपाठी, गोविंद वर्मा व पुरातन छात्र परिषद के दीपक कुमार, जयहिंद यादव, मनीष त्रिपाठी, राहुल शर्मा, सुजीत कुमार सिंह व प्रियंका दुबे की विशेष भूमिका रही।
---------
इंजीनियर बनने का सपना पूरा होगा
आर्थिक तंगी के चलते पढ़ाई में दिक्कत आ रही है। अगर छात्रवृत्ति मिल गई तो इंजीनियर बनने का मेरा सपना पूरा हो जाएगा।
आदित्य त्रिपाठी, पड़रौना

पढ़ाई पूरी हो जाएगी
परिवार की आजीविका खेती पर निर्भर है। आगे की पढ़ाई में दिक्कत आ रही है। छात्रवृत्ति से मेरी पढ़ाई की बाधाएं दूर हो जाएंगी।
राजकुमार चौरसिया, स्पर्श विद्यालय

आर्थिक तंगी दूर हो जाएगी
पेपर बहुत अच्छा हुआ है। छात्रवृत्ति पाने की उम्मीद बढ़ गई है। अगर यह छात्रवृत्ति मिलती है तो आर्थिक तंगी दूर हो जाएगी।
रामचंद्र गौतम, स्पर्श विद्यालय

उम्मीद के मुताबिक पेपर हुआ
छात्रवृत्ति मेरी पढ़ाई में बहुत मददगार होगी। परीक्षा के लिए मैंने काफी तैयारी की थी। जैसी उम्मीद थी, उसके मुताबिक पेपर बहुत अच्छा हुआ है।
आकांक्षा यादव, बलिया

खुद से पूरी कर सकूंगी पढ़ाई
छात्रवृत्ति मिल गई तो मैं खुद से ही अपनी पढ़ाई पूरी कर सकूंगी। मैं पढ़-लिखकर कुछ बनना चाहती हूं ताकि परिवार का सहारा बन सकूं।
स्नेहा चौरसिया, खजनी

जमकर की है तैयारी
आर्थिक तंगी के चलते पढ़ाई में मुझे दिक्कत आ रही है। इस छात्रवृत्ति के लिए मैंने जमकर तैयारी की है। उम्मीद है कि मेरा चयन हो जाएगा।
अरशद हुसैन, बड़हलगंज

छात्रवृत्ति से हौसला बढ़ेगा
इस तरह की प्रतियोगी परीक्षा में भाग लेने से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है। छात्रवृत्ति से मेरा हौसला बढ़ेगा और मुझे आगे बेहतर पढ़ाई करने की प्रेरणा भी मिलेगी।
विज्ञापन

अनुराधा जायसवाल, महराजगंज

अपने दम पर पढ़ना चाहती हूं
बचपन से कुछ बड़ा करने का सपना है मगर घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने से कई बाधाएं हैं। पेपर अच्छा हुआ है और उम्मीद है कि सपने पूरे होंगे।
कलश पांडेय, कुशीनगर
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें