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एक महीने बाद खुला शस्त्र कार्यालय, रखे गए दस्तावेज

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एक महीने बाद खुला शस्त्र कार्यालय, रखे गए दस्तावेज
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गोरखपुर। एक महीने से अधिक समय बाद शनिवार की शाम कलेक्ट्रेट स्थित शस्त्र कार्यालय का ताला खुल गया। जांच के लिए ले जाए गए सभी दस्तावेज दफ्तर में रखे गए। अब सोमवार से कार्यालय से संबंधित सभी कार्य पूर्व की तरह संचालित होने लगेंगे। दफ्तर बंद होने से सर्वाधिक दिक्कत लाइसेंस का नवीनीकरण कराने वालों को हो रही थी।
14 अगस्त को फर्जी शस्त्र लाइसेंस का मामला सामने आने के बाद डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने मामले में मजिस्ट्रेटी जांच गठित कर दी थी। सदर तहसील सभागार में चल रही जांच के लिए शस्त्र कार्यालय से संबंधित दस्तावेज मंगाए गए थे। इसी बीच पुलिस ने असलहा बाबू राम सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उनके आरोपी बनते ही जिला प्रशासन ने शस्त्र कार्यालय पर ताला लगा दिया। मामले की जांच तो करीब पखवारे भर पहले ही पूरी हो गई मगर असलहा बाबू का पद खाली ही चल रहा था।
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पिछले सप्ताह राम सिंह की जगह तैनात नए असलहा बाबू द्वरिकाधीश ने 23 सितंबर को पदभार संभाला। शस्त्र कार्यालय पर ताला लगे होने की वजह से पांच दिन से वह संयुक्त कार्यालय में ही एक पटल से दूसरे पटल पर समय गुजार रहे थे। डीएम के निर्देश पर शनिवार की शाम 4.35 बजे कार्यालय का ताला खुला। जांच के लिए ले जाई गईं फाइलों आदि को रखने के बाद शाम पांच बजे फिर कार्यालय बंद कर दिया गया।
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