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शस्त्र लाइसेंस के सत्यापन प्रक्रिया पर रोक लगाई गई

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शस्त्र लाइसेंस के सत्यापन प्रक्रिया पर लग गई रोक
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गोरखपुर। लंबे अर्से बाद शुरू हुई शस्त्र लाइसेंस की प्रक्रिया पर एक बार फिर रोक दी गई है। एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने फर्जी लाइसेंस जारी होने का मामला सामने आने के बाद इसपर रोक लगाई है। पैरवी में आने वालों को सोमवार को एसएसपी ने लौटा दिया। वहीं कैंट थाने में दर्ज केस की जांच एएसपी रोहन प्रमोद बोत्रे को सौंपी गई है। उन्होंने जांच तेज कर दी है।
एसएसपी दफ्तर में रोजाना फरियादियों की भीड़ के बीच सत्यापन कर फाइल डीएम दफ्तर भेजने की पैरवी होती रहती है, लेकिन फर्जी लाइसेंस का मामला सामने आने के बाद शस्त्र लाइसेंस को लेकर पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। एसएसपी ने सत्यापन प्रक्रिया पर रोक लगाने के बाद आए आवेदनों की सख्ती से जांच करने का आदेश जारी किया है। एक-एक आवेदन की जांच होगी और एलआईयू रिपोर्ट भी पूरी पड़ताल के बाद ही लगाई जाएगी। आमतौर पर लोग पैरवी कराकर पुलिस दफ्तर से फाइल को आगे बढ़वा लेते थे मगर एसएसपी के नए आदेश के बाद अब ऐसा नहीं हो सकेगा।
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सांसद समेत कई नामी लोगों ने बनवाएं हैं लाइसेंस
फर्जी लाइसेंस प्रकरण में पुलिस की जांच में एक सांसद का भी नाम सामने आ रहा है। इसके अलावा एक जमींदार परिवार ने भी फर्जी लाइसेंस हासिल किया है। सूत्रों के मुताबिक सांसद ने एक पिस्टल, एक रायफल और एक बंदूक का लाइसेंस लिया है। इसकी जांच अभी होनी है। सूत्र बताते हैं कि पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, लाइसेंसधारकों की संख्या भी बढ़ती जा रही है।
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पुलिस ने फाइलें जब्त कर लीं
पुलिस ने इस मामले से जुड़ी सभी फाइलों को अपने कब्जे में ले लिया है ताकि बार बार प्रशासनिक अफसरों का दरवाजा न खटखटाना पड़े। डीएम, एसएसपी सीधे पूरे प्रकरण पर नजर रखे हुए हैं।
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