गोरखपुर। नगर निगम द्वारा 16 अप्रैल को सील किए गए अर्चना आर्किड का ताला
बुधवार सुबह खुल गया। इस मामले में अर्चना आर्किड की ओर से हाईकोर्ट में
दाखिल अवमानना वाद में नगर आयुक्त को तलब किए जाने के आदेश के बाद नगर निगम
बैकफुट पर आ गया और यह कदम उठाया।
अर्चना आर्किड के मालिक राधेश्याम पालड़ीवाल ने बताया कि हाईकोर्ट के स्टे
के बाद भी नगर निगम ने 4.87 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाते हुए 16 अप्रैल
को प्रतिष्ठान को सील कर दिया था। इस मामले में उन्होंने हाईकोर्ट में
अवमानना वाद दाखिल किया था। जिस पर कोर्ट ने इस प्रकरण में नगर आयुक्त को
अवमानना का दोषी मानते हुए 28 मई को हाजिर होने का आदेश दिया था। इसमें
उल्लेख था कि यदि विपक्षी स्टे का अनुपालन करता है तो उसे कोर्ट में शपथ
पत्र दाखिल करने पर पेश होने से छूट मिलेगी। इसी क्रम में नगर निगम की ओर
से बुधवार सुबह अर्चना आर्किड का ताला खोल दिया गया।
अर्चना आर्किड के नवनीत पालड़ीवाल ने कहा कि नगर निगम की कार्रवाई के कारण
डेढ़ महीने तक उन्हें न सिर्फ आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा बल्कि इससे मानसिक
परेशानी के साथ ही मानहानि भी हुई। नवनीत एवं नील सुंदर ने बताया कि इस
मामले में वह कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।