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कार्यालय बंद, फिर भी लगी फरियादियों की भीड़

Mon, 29 May 2017 02:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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गोरखनाथ मंदिर। - फोटो : Amar Ujala
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गोरखनाथ मंदिर स्थित हिंदू सेवाश्रम में चल रहा मुख्यमंत्री का कैंप कार्यालय शनिवार को बंद कर दिया गया। इसके बाद भी मंदिर स्थित कार्यालय पर फरियादियों का आना जाना लगा रहा। उसमें से कुछ ऐसे लोग थे, जिनकी पंचायत द्वारिका तिवारी स्वयं करके निपटाने का प्रयास कर रहे थे। वहीं कुछ मुख्यमंत्री को संबोधित अपना ज्ञापन कार्यालय में जमा किए गए।
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जब योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री नहीं थे, तब भी उनका जनता दरबार मंदिर स्थित उनके कार्यालय पर लगता था। तब अधिकतर लोग उनके संसदीय क्षेत्र से यहां आते थे।  उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद अचानक भीड़ बढ़ने लगी। पूरे प्रदेश से फरियादी मंदिर पहुंचने लगे। यहां तक की दूसरे प्रदेश के लोग भी यहां आने लगे थे। भीड़ को देखते हुए जिलाधिकारी ने यहां पर सभी विभागों के लोगों को बैठाना शुरू कर दिया था। जिस विभाग की समस्या लेकर लोग आते थे, उस विभाग के कर्मचारी उसे उच्चाधिकारियों तक भेजते थे। पूरी प्रक्रिया को वेबसाइट पर अपलोड किया जाता था। किसी आवेदन की स्थिति की जानकारी आवेदक को मोबाईल से भी दी जाती थी। शनिवार को अचानक डीएम ने इसे बंद करने का आदेश दे दिया।

रविवार का दिन होने के बाद भी सौ के करीब मंदिर में अपनी समस्या लेकर पहुंचे थे। इनमें जिन समस्याओं का निस्तारण स्थानीय स्तर पर होना था, उसे पंचायत के द्वारा निपटाने का प्रयास किया गया। उच्चाधिकारियों को पहुंचाने वाले आवेदनों को कार्यालय में रख लिया गया। जिला प्रशासन के कर्मचारी उसे ले जाकर अगली कार्रवाई पहले की तरह करेंगे।
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सिख समुदाय ने पगड़ी जांचने पर जताई नाराजगी  गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा जटाशंकर प्रबंधक समिति ने रविवार को बैठक करके दो दिन पहले मुख्यमंत्री से मिलने गए सुरक्षा के नाम पर सिख की पगड़ी जांच करने पर नाराजगी जताई। वहीं पर जानकारी मिलने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा सुरक्षा कर्मियों को डांट फटकार लगाने पर आभार व्यक्त किया। निर्मल सिंह और जसपाल सिंह ने बताया कि तेजपाल सिंह समाज के लोगों की दिक्कतों को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने गए थे। वहां सुरक्षा कर्मियों ने तेजपाल की पगड़ी की जांच की और उनकी कृपाण अपने पास रख ली, जबकि भारत के संविधान में सुरक्षा के नाम पर दस्तार और कृपाण की जांच करना किसी भी अधिकारी या पुलिस प्रशासन के अधिकार में नहीं है। बावजूद सुरक्षा कर्मियों ने तेजपाल सिंह को शर्मिंदा किया, लेकिन सीएम द्वारा इसकी जानकारी के बाद सुरक्षाकर्मियों को फटकारने की जो त्वरित कार्रवाई की गई, समिति उसकी प्रशंसा करती है। इस मौके पर कुलदीप सिंह, हरबंस सिंह, राजेंद्र सिंह, जगनैन सिंह, दलजीत सिंह, तेजपाल सिंह, सतपाल सिंह, देवेंद्र सिंह और रविंद्र सिंह उपस्थित थे। 
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