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कुपोषित और टीबी ग्रस्त बच्चों को गोद लें शिक्षक: राज्यपाल

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कुपोषित और टीबी ग्रस्त बच्चों को गोद लें शिक्षक: राज्यपाल
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गोरखपुर। कुलाधिपति एवं प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षकों से कुपोषित और टीबी ग्रस्त बच्चों को गोद लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने का अभियान प्रधानमंत्री ने शुरू किया है। इसे सफल बनाने में विश्वविद्यालय और डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों को भी आगे आना चाहिए। हर शिक्षक एक कुपोषित या फिर टीबी ग्रस्त बच्चे को गोद ले। पांच से छह माह तक उनका पालन-पोषण करें। शिक्षक अपने इस सामाजिक दायित्व को समझें तो लक्ष्य को जल्द प्राप्त किया जा सकेगा। इससे पहले राज्यपाल ने हर विश्वविद्यालय और महाविद्यालय प्रशासन से गांवों को गोद लेने की अपील की थी। इसपर अमल भी शुरू हो गया है।
बुधवार को गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह का उद्घाटन करने के बाद राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि अब मौलिक व समाज उपयोगी अनुसंधान की आवश्यकता है। जिस देश में मौलिक खोजें होती हैं, वे ही दुनिया को राह दिखाते हैं। ऊर्जा के पारंपरिक स्रोत के रूप में कोयला से ऊर्जा की खोज कर ब्रिटेन और पेट्रो पदार्थ से ऊर्जा की खोज अमेरिका ने की तो वे शक्तिशाली बने। जरूरत है कि हमारे विश्वविद्यालय भी इस राह पर चलें। नए और सस्ते विकल्प तलाशने होंगे। कुलाधिपति ने शैक्षिक गुणवत्ता में पीछे होने पर निराशा जताई, कहा कि हमारी शिक्षा व्यवस्था जमीन पर नहीं बल्कि बेलों की तरह पेड़ों पर लटक रही है। विश्व की श्रेष्ठ सूची में भी हमारे विश्वविद्यालयों का नाम नहीं है। राज्यपाल ने 51 टॉपरों को गोल्ड मेडल तथा 85 मेधावियों को उपाधि देने के बाद उन्हें दीक्षित भी किया। साथ ही कहा कि विश्वविद्यालय अपनी सार्थकता तभी पूरा कर पाएंगे जब वे शोध करें जिससे आसपास के अंचल को लाभ मिले। कुलाधिपति ने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों में बेटियां ज्यादा गोल्ड मेडल पा रहीं हैं। यह असंतुलन ठीक नहीं है। समाज असंतुलित होगा तो वह विकास नहीं कर पाएगा। मेधावियों से कहा, समाज की हर समस्या को युवा ही दूर करेंगे। यहां से निकले कई लोग देश के महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवा दे रहे हैं जो इस विश्वविद्यालय के असली पदक हैं। ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के लिए उन्हाेेंने विश्वविद्यालय को बधाई दी।
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गोल्ड मेडल जीता है तो शादी में गोल्ड मत मांगना
कुलाधिपति ने विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल पहनाने के बाद नसीहत भी दी। दहेज प्रथा पर वार करते हुए कहा, गोल्ड मेडल मिल गया है अब शादी में किसी से गोल्ड मत मांगना। अगर गोल्ड मांगते हो तो अनपढ़ से भी जाहिल हो। संकल्प लो कि हमें कुरीतियों को मिटाना है।
30 बच्चों को उपहार भेंट किए
समारोह में अतिथि के तौर पर बुलाए गए प्राथमिक विद्यालय बूढ़ाडीह प्रथम के 30 बच्चों को उपहार भेंट करने के बाद कुलाधिपति ने कहा कि ये बच्चे दीक्षांत समारोह को नजदीक से देखेंगे तो समझेंगे कि यहां क्या हो रहा है। ये दीक्षांत में गोल्ड मेडल पाने को प्रेरित होंगे। उन्होेंने शिक्षिकाओं ने कहा कि वे पुस्तकों को स्कूल की लाइब्रेरी में रखें। प्रार्थना में चर्चा करें। इससे बच्चों में पढ़ने की आदत बढ़ेगी।
लड़कियों को गोल्ड मेडल पाता देख खुश हूं, मैंने भी पाया है
कुलाधिपति ने कहा कि लड़कियों को गोल्ड मेडल पाता देखकर खुश हूं। मैं भी पढ़ाई के दौरान विश्वविद्यालय की टॉपर रही और मेडल पाई। लेकिन दुख इस बात का है कि लड़कों को गोल्ड मेडल कम मिल रहे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय के शिक्षकों से कहा कि आज बेटियां आगे और बेटे पीछे क्यों है, इसका कारण खोजें और उसे दूर करें।
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दो हॉस्टलों और कंप्यूटर भवन का शिलान्यास
कुलाधिपति ने विश्वविद्यालय परिसर में बनने वाले दो हॉस्टलों (एक महिला व एक पुरुष) तथा 600 कंप्यूटरों की क्षमता के ऑनलाइन परीक्षा केंद्र का शिलान्यास किया। राज्यसभा सदस्य शिव प्रताप शुक्ल की निधि से पुरुष छात्रावास गौतम बुद्ध हॉस्टल के पास बनेगा। महिला छात्रावास अलकनंदा महिला छात्रावास व ऑनलाइन परीक्षा केंद्र प्रशासनिक भवन के पास बनेगा।
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