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अनुसूचित बस्ती में आंबेडकर प्रतिमा तोड़ी, मचाया उत्पात, पीड़ितों ने थाने पहुंचकर किया हंगामा

Sun, 21 Apr 2019 01:55 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवरिया
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यूपी पुलिस (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : फाइल फोटो
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घर में घुसकर किशोरी से छेड़खानी करने के विरोध पर कुछ लोगों ने शुक्रवार की रात अनुसूचित जाति की बस्ती में घुसकर जमकर उत्पात मचाया। किशोरी और उसके घरवालों की पिटाई की। बस्ती में लगी आंबेडकर प्रतिमा तोड़ दी। पिटाई से करीब 20 लोग जख्मी हुए हैं। घटना गौरीबाजार के महुअवां गांव की है। पीड़ितों ने थाने पहुंचकर हंगामा किया। केस दर्ज कराने और प्रतिमा की मरम्मत की मांग को लेकर गुस्से का इजहार किया। घटना से गांव में तनाव की स्थिति है।

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गौरीबाजार के करजहां गांव के महुअवा टोले में अनुसूचित जाति के लोगों की बस्ती है। गांव के ही एक अन्य टोले से दूसरे वर्ग के एक युवक ने गुरुवार की रात अनुसूचित बस्ती के एक घर में घुसकर किशोरी से छेड़खानी की। किशोरी के शोर मचाने पर घरवालों की नींद खुली तो युवक धमकी देते हुए भाग गया। शुक्रवार की रात युवक फिर से किशोरी के घर में घुस गया। परिवार के लोगों ने उसे दौड़ाया तो वह भाग खड़ा हुआ। कुछ ही देर बाद वह दर्जनों युवकों के साथ लाठी-डंडे से लैस होकर पहुंचा और किशोरी समेत घर वालों की पिटाई की। शोर सुनकर मोहल्ले के लोग जुटे तो उन्हें भी दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। करीब एक घंटे तक उनका उत्पात जारी रहा। 

लौटते समय बस्ती में लगी आंबेडकर प्रतिमा भी तोड़ दी। पिटाई से किशोरी, उसकी मां, एक दिव्यांग समेत करीब 20 लोग घायल हो गए। यूपी-100 और पुलिस फोर्स पहुंची तो उपद्रवी फरार हो गए। सुबह फिर से धमकी और गाली देने से माहौल बिगड़ गया। सूचना पर एसओ गौरीबाजार फोर्स लेकर पहुंचे। समझा-बुझाकर पीड़ितों को थाने बुलाया। प्रतिमा ठीक कराने का आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीणों का कहना था कि पहले केस दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी हो, इसके बाद प्रतिमा दुरुस्त कराई जाए। इस बाबत एसओ अरुण कुमार मौर्य ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया जा रहा है। आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले की छानबीन कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
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पहली तहरीर पर निष्क्रिय रही पुलिस
गुरुवार की रात घर में घुसकर छेड़खानी किए जाने पर किशोरी के घर वालों ने अगले दिन ही पुलिस को तहरीर दी थी, मगर कार्रवाई की बजाए पुलिस निष्क्रिय बनी रही। इसी का लाभ उठाकर कुछ लोगों ने न सिर्फ दूसरे दिन भी घर में घुसने की हिमाकत की, बल्कि उपद्रव भी किया। लोगों का कहना था कि अगर पुलिस पहले ही सक्रिय हो जाती तो यह बवाल न होता।

रात भर भर दहशत में रहे लोग
महुअवा टोले के लोग जब गहरी नींद में थे, तभी अचानक से उत्पातियों ने हमला बोल दिया। शोरगुल सुनकर जगे लोग अचानक से उनके निशाने पर आ गए। घंटे भर तक चले मारपीट और उपद्रव से हर तरफ भय का माहौल रहा। पूरा माजरा समझते हुए बस्ती के लोग जब तक एकजुट होकर कोई जवाब देते आरोपी फरार हो गए। रात भर बस्ती में दहशत का माहौल बना रहा।

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