गोरखपुर।
लंबी जद्दोजहद के बाद चर्चित
मधुमिता हत्याकांड के सजायाफ्ता
कैदी अमर मणि त्रिपाठी और उनकी
पत्नी मधु मणि की जांच रिपोर्ट
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने
शुक्रवार को शासन को भेज दी।
जांच के लिए गठित बोर्ड की
रिपोर्ट का शुक्रवार को कॉलेज
प्राचार्य प्रो.
आरपी
शर्मा ने अध्ययन किया और फिर
उसे सीलबंद कर शासन को भेज
दिया। कॉलेज प्रशासन को अब
इस मामले में शासन के अगले
निर्देश का इंतजार है।
चार
दिन पहले गठित वरिष्ठ डॉक्टरों
के बोर्ड को तीन दिन में अमर
मणि और उनकी पत्नी मधु मणि के
स्वास्थ्य की गहन जांच कर
रिपोर्ट प्रस्तुत करने की
जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन
की ओर से दी गई थी। बोर्ड ने
दोनों का इलाज कर रहे मनोरोग
विशेषज्ञ,
हड्डी
रोग विशेषज्ञ और फिजिशियन
डॉक्टरों से उनके स्वास्थ्य
की वर्तमान स्थिति की जानकारी
ली और सामूहिक रिपोर्ट तैयार
की।
उसके बाद तय समय पर बृहस्पतिवार
को रिपोर्ट कॉलेज प्राचार्य
को सौंप दी। इस पर प्राचार्य
ने शुक्रवार को एक बार फिर
मंथन किया और उसमें लिखे तथ्यों
पर बोर्ड के सदस्यों से बातचीत
की और उसके बाद उसे शासन को
भेज दिया। बोर्ड में डॉ.
राकेश
सक्सेना,
डॉ.
माहिम
मित्तल,
डॉ.
रीना
श्रीवास्तव,
डॉ.
अशोक
यादव,
डॉ.
योगेश
पाल शामिल थे।
सूत्रों
के मुताबिक रिपोर्ट में अमर
मणि को अवसाद से ग्रसित बताया
गया है। अवसाद ग्रस्त व्यक्ति
का मेडिकल कॉलेज में भर्ती
होकर इलाज कराना कितना जरूरी
है, इसे
लेकर कोई डॉक्टर कुछ भी बोलने
से इन्कार इनकार कर रहे हैं।
अब सबकी नजरें शासन के अगले
कदम पर टिकी हैं।