शहर के भीतर बने दोनों बस स्टेशन गोरखपुर और राप्तीनगर डिपो के अलावा नौसढ़ बस अड्डे को तोड़कर नए सिरे से इन्हें मॉडल बस स्टैंड बनाने का काम इसी साल पूरा हो जाएगा। शासन की तरफ से आई परिवहन निगम की टीम ने मंगलवार को इन तीनों बस अड्डों के अलावा वर्कशाप का भी निरीक्षण किया। यही नहीं टीम ने रेलवे बस स्टेशन के पास के गोरखपुर डिपो को भविष्य में शहर से बाहर स्थापित करने की संभावनाएं भी तलाशी। इसी क्रम में टीम ने रामगढ़ताल परियोजना क्षेत्र स्थित देवरिया बाईपास के पास आठ से दस एकड़ का एक निजी प्लॉट भी देखा। टीम इसी सप्ताह सर्वे रिपोर्ट तैयार कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने पावर प्रजेंटेशन देगी। बताया जा रहा है कि इसके बाद कार्यदायी संस्था का चयन कर निर्माण कार्य के लिए फंड एलॉट कर दिया जाएगा।
लंबे समय से शहर के दोनों बस स्टैंड गोरखपुर और राप्तीनगर डिपो की मरम्मत आदि को लेकर शासन को प्रस्ताव भेजा जा रहा था, मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। मगर योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही शहर की तमाम लंबित परियोजनाओं के साथ ही गोरखपुर और राप्तीनगर डिपो के साथ ही नौसढ़ बस अड्डे को भी मॉडल बस स्टैंड बनाने की कवायद तेज हो गई। सर्वे के लिए मंगलवार को शासन की तरफ से परिवहन निगम के इंजीनियर मो. इरफान, आर्किटेक्ट दिनेश लाल दोपहर 12.30 बजे के करीब गोरखपुर पहुंचे। इस दौरान यहां के निगम के जेई आरके कटियार भी मौजूद रहे।
कटियार के मुताबिक दोनों अफसर पहले नौसढ़ बस स्टैंड पहुंचे। वहां करीब 40 मिनट तक टीम ने बिल्डिंग से लेकर प्लेटफॉर्म आदि के निर्माण के लिए सर्वे किया। टीम वहां से राप्तीनगर वर्कशॉप, रेलवे स्टेशन स्थित गोरखपुर डिपो और फिर राप्तीनगर डिपो पहुंचकर सर्वे किया। वहां से निकलकर टीम ने कमिश्नर अनिल कुमार से मुलाकात की और अपने सर्वे को साझा किया। फिर शाम करीब पांच बजे देवरिया बाईपास स्थित रामगढ़ताल क्षेत्र में आठ से दस एकड़ का खाली पड़ा निजी प्लॉट भी देखा।
मॉडल बस स्टैंड पर होंगी ये सुविधाएं
- गोरखपुर डिपो पर करीब 50 बस एक साथ खड़े करने के लिए प्लेटफॅार्म बनेगा
- राप्तीनगर और नौसढ़ बस अड्डे पर भी एक साथ 25 से अधिक बसें खड़ी हो सकेंगी
- गोरखपुर डिपो के दोनों वर्कशाप, राप्तीनगर डिपो के पास ले जाए जाएंगे
- बस अड्डों पर दो मंजिला इमारतें बनेंगी
- नीचे प्लेटफॉर्म, पार्किंग और कैंटीन होगा। ऊपर कार्यालय
- ऑटोमेटिक वाटर बूथ होगा। इन्क्वायरी और एसी, नॉन एसी वेटिंग हॉल बनेगा
- इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड लगेंगे, आधुनिक शौचालय बनाए जाएंगे
सर्वे रिपोर्ट तैयार करने के बाद आठ अप्रैल को मुख्यमंत्री को पावर प्रजेंटेशन देंगे। वहां से अनुमति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। मॉडल बस स्टैंड पर नई इमारतों के अलावा कई अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी। एसी, नॉन एसी बसों की संख्या तो बढ़ाई ही जाएगी। दिल्ली के साथ ही दूसरे राज्यों के लिए भी बसों का संचालन शुरू करने पर विचार किया जा रहा है।
- के. रवींद्र नायक, परिवहन आयुक्त