तुर्कमानपुर के 34 घरों में मिले एडीज मच्छर के लार्वा
गोरखपुर। तुर्कमानपुर में डेंगू, टायफायड, मलेरिया और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने पर हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग की दो टीमों ने इलाके का सघन निरीक्षण किया। टीमों ने तुर्कमानपुर के मोहल्ले के पांडेय टोला, हरिजन बस्ती, कसाई टोला, पहाड़पुर, सुल्तानपुर आदि में करीब चार सौ घरों-दुकानों में ठहरे हुए पानी और उनमें पनप रहे मच्छरों के लार्वा की तलाश की। लोगों को लार्वा दिखाए गए और उनको समाप्त करने की तरीकों के प्रति जागरूक किया गया। टीम को 34 घरों में ठहरे हुए पानी में एडीज मच्छर के लार्वा पनपते मिले।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से तुर्कमानपुर में दो टीमें भेजी गईं। पहली टीम का नेतृत्व सहायक मलेरिया अधिकारी राजेश चौबे कर रहे थे उनके साथ मलेरिया निरीक्षक वंदना श्रीवास्तव, पूजा और आस्तिक पांडेय थे। दूसरी टीम का नेतृत्व सहायक मलेरिया अधिकारी पीपी मिश्रा ने किया, उनके साथ मलेरिया अधिकारी तबस्सुम और प्रतिभा निशि थीं। दोनों टीमों ने तीन दिन तक क्षेत्र में हर घर का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान लोगों ने क्षेत्र में सफाई नहीं होने, जल निकासी व्यवस्था खराब होने के कारण नालियां चोक रहने की शिकायत की। टीमों ने सफाई व्यवस्था नगर निगम की जिम्मेदारी होना बता कर लोगों को अपने घर के आसपास पानी का ठहराव नहीं होने देने के प्रति जागरूक किया। इस दौरान टीमों ने लोगों के घरों में छत, कूलर, टूटे बर्तन, टायर, गमले आदि में ठहरे हुए पानी में पैदा हो रहे लार्वा दिखाए और पानी बहाया।
34 मकान मालिकों को जारी किया गया नोटिस
निरीक्षण के दौरान टीमों को 34 घरों में ठहरे हुए पानी मे भारी मात्रा में मच्छरों के लार्वा तैरते हुए मिले। सहायक मलेरिया अधिकारी राजेश चौबे ने लोगों को समझाया कि एडीज मच्छर ठहरे हुए साफ पानी में अंडे देता है। पानी बहाने से लार्वा तो मर सकते हैं लेकिन अंडे समाप्त नहीं होते। पानी मिलते ही इन अंडों से फिर से प्यूपा और लार्वा पनपने लगते हैं। टीमों ने इन लोगों की सूची तैयार कर सीएमओ कार्यालय भेजी। सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि इन घरों के मालिकों को नोटिस जारी किया गया है। यदि इन लोगों ने मच्छरों के लार्वा समाप्त करने के उचित कदम नहीं उठाए तो इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।